शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कड़े निर्देश: सुरक्षित, पारदर्शी और छात्र-अनुकूल माहौल में हो नीट पुनर्परीक्षा
नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
नई दिल्ली: देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं में से एक, नीट-यूजी 2026 की आगामी पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क नजर आ रही है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार, 27 मई को नई दिल्ली में आयोजित एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराना था। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा की सुरक्षा ही हमारी सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि देश भर के विभिन्न शहरों में बनाए जाने वाले परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं और एक अनुकूल, तनावमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी बिना किसी मानसिक दबाव के अपनी परीक्षा दे सकें।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन और मंत्रालय के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि डॉ. के. राधाकृष्णन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कामकाज में सुधार, पारदर्शिता लाने और विभिन्न महत्वपूर्ण सिफारिशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए सरकार द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति के अध्यक्ष भी हैं। बैठक के दौरान समिति और अधिकारियों ने परीक्षा संचालन की मौजूदा व्यवस्थाओं, सुरक्षा मानकों और निगरानी तंत्र की व्यापक समीक्षा की। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, अभेद्य और आधुनिक बनाने की भावी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रबंधन, अत्याधुनिक निगरानी तंत्र और नवीनतम तकनीकी उपायों को लागू करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण और प्रभावी प्रस्ताव भी शिक्षा मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए कि देश के किसी भी परीक्षा केंद्र पर आने वाले विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा या कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरी परीक्षा प्रणाली को इस प्रकार संचालित किया जाए कि वह पूरी तरह से पारदर्शी, विश्वसनीय और जन-विश्वास के अनुरूप हो। गौरतलब है कि इस बार नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा आगामी 21 जून 2026 को आयोजित की जाने वाली है। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि पिछली घटनाओं से सीख लेते हुए इस बार सुरक्षा और तकनीकी निगरानी के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए जाएं, जिससे परीक्षा की शुचिता पर कोई आंच न आए और देश के लाखों छात्रों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे।







