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शिक्षा-रोजगार पर खरगे का मोदी सरकार पर हमला

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर मोदी सरकार को विफल बताते हुए आरोप लगाया कि देश के युवा बेरोजगारी, महंगी शिक्षा, परीक्षा में अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसे गंभीर संकट से जूझ रहे हैं।

खरगे ने नीति आयोग और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के हवाले से आंकड़े पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के प्रदर्शन को लेकर कई सवाल किए। उन्होंने कहा,

“मोदी सरकार ने शिक्षा से रोजगार तक युवा भारत की पूरी राह को बर्बाद कर दिया है।”

8.7 करोड़ युवा शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से बाहर

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नीति आयोग के अनुमान के अनुसार, 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 8.7 करोड़ भारतीय न तो शिक्षा, न रोजगार और न ही प्रशिक्षण से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें करीब 88 प्रतिशत युवा घरेलू कार्यों में लगे हैं।

PLFS के जुलाई 2026 के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में बेरोजगारी दर 15.6 प्रतिशत है, जबकि युवा महिलाओं में यह दर 19.5 प्रतिशत है।

'स्नातक होने के बाद नौकरियां कहां हैं?'

खरगे ने सबसे पहले स्नातकों के लिए रोजगार के अवसरों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ी राशि खर्च कर शिक्षा पूरी करने वाले युवाओं को भी रोजगार हासिल करने में कठिनाई हो रही है।

उन्होंने सवाल किया,

“स्नातक होने के बाद नौकरियां कहां हैं?”

उन्होंने दावा किया कि 20-29 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार भारतीयों में स्नातक छात्रों की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत है, जबकि 15-25 वर्ष के स्नातकों में बेरोजगारी करीब 40 प्रतिशत है।

'डिग्री के बाद भी पर्याप्त नौकरियां नहीं'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,

“परिवार अपनी बचत खर्च करते हैं, विद्यार्थी शिक्षा ऋण लेते हैं और डिग्री हासिल करते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि पर्याप्त नौकरियां ही नहीं हैं।”

उन्होंने भाजपा के हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने के पुराने वादे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि यह वादा पूरा हुआ होता तो 12 वर्षों में देश में 24 करोड़ रोजगार सृजित हो जाने चाहिए थे।

उन्होंने सवाल किया,

“हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के वादे का क्या हुआ?”

सरकारी क्षेत्र में रिक्तियों का भी मुद्दा उठाया

खरगे ने आरोप लगाया कि सरकारी क्षेत्र में लाखों रिक्तियां अब भी नहीं भरी गई हैं और स्थायी रोजगार की जगह संविदा तथा अंशकालिक काम बढ़ता जा रहा है। उन्होंने भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश की बड़ी युवा आबादी को आर्थिक ताकत में बदलने के लिए जरूरी परिस्थितियां बनाने में विफल रही है।

उन्होंने सवाल किया,

“भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को जनसांख्यिकीय संकट में कौन बदल रहा है?”

पेपर लीक और भर्ती में देरी पर भी सवाल

उन्होंने आरोप लगाया कि महंगी और अपर्याप्त शिक्षा, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, बढ़ता कौशल अंतर और गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसरों में कमी ने पूरी पीढ़ी के भविष्य को खतरे में डाल दिया है।

खरगे ने प्रधानमंत्री के उस पुराने दावे का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने पिछली सरकारों की कई दशकों की नाकामियों को दूर करने की बात कही थी।

खरगे ने कहा,

“मोदी जी, आपने वादा किया था कि जो पिछली सरकारें 70 वर्षों में नहीं कर सकीं, उसे आप पूरा करेंगे।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया,

“आपने निश्चित रूप से उस दावे को पूरा किया है, ऐसी शिक्षा व्यवस्था देकर जो महंगी है, आरएसएस से प्रभावित है, ऐसी परीक्षाएं जिन पर युवा भारतीय भरोसा नहीं कर सकते और ऐसी डिग्रियां, जिनके साथ रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं।”