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संसद में अमित शाह को लेकर कांग्रेस हमलावर

नेशनल डेस्क, श्वेता प्रिया।

नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।  

खरगे ने आरोप लगाया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री इस मामले पर सदन में जवाब दें। अपने भाषण में उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी मंत्री हमेशा सवालों से नहीं बच सकता। 

खरगे की टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने इसे संसदीय मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। 

विवाद बढ़ने पर खरगे ने स्पष्ट किया कि उनका आशय किसी व्यक्ति को शारीरिक रूप से घसीटने से नहीं था, बल्कि उनका मतलब था कि 'जनशक्ति' सरकार से जवाब मांगेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं किया है। 

उधर, सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्र प्रदर्शन के दौरान गोली नहीं चलाई गई थी और सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए संशोधित विधेयक लेकर आई है। 

यह पूरा घटनाक्रम संसद के मानसून सत्र के दौरान हुआ, जहां परीक्षा पेपर लीक, छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार तीखी राजनीतिक बहस जारी है।