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संसद सत्र से पहले विपक्ष की रणनीतिक बैठक, सरकार पर निशाना

नेशनल डेस्क, मुस्कान सिंह।

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले सोमवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने रणनीति बैठक की। यह बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में आयोजित की गई, जिसमें संसद के भीतर और बाहर सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव सहित कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। नेताओं ने संसद सत्र के दौरान विपक्ष के साझा रुख और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में हाल के दिनों में छात्रों से जुड़े मुद्दों, विभिन्न राज्यों में हुई पुलिस कार्रवाई तथा अन्य जनहित के विषयों पर भी चर्चा की गई। विपक्षी नेताओं का कहना था कि इन मुद्दों पर सरकार को संसद के भीतर जवाब देना चाहिए और जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

रणनीतिक बैठक के बाद विपक्षी सांसद संसद परिसर में एकजुट होकर प्रदर्शन के लिए पहुंचे। प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और विभिन्न मुद्दों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

विपक्षी दलों का कहना है कि संसद लोकतांत्रिक जवाबदेही का सर्वोच्च मंच है और सरकार को जनता से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार रहना चाहिए। विपक्ष ने संकेत दिया कि वह पूरे मानसून सत्र के दौरान छात्रों के मुद्दों, कानून-व्यवस्था, महंगाई और अन्य जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाएगा।

वहीं, संसद सत्र के पहले दिन विपक्ष की इस संयुक्त बैठक और प्रदर्शन को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वह संसद के भीतर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, जबकि सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब और चर्चा की मांग जारी रखेगा।