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सड़क दुर्घटना में मामा-भांजे की मौत

लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।

सीवान : दरौंदा थाना क्षेत्र के सत्तजोरा मठिया के समीप रविवार की देर शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मामा-भांजे की मौत हो गई। दोनों बहन के घर से लौटकर अपने गांव जा रहे थे, तभी उनकी बाइक अनियंत्रित होकर खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई।

जानकारी के अनुसार, दरौंदा थाना क्षेत्र के चंद्रपुर गांव निवासी हबीब मियां के पुत्र सैफ अली अपने मामा सारण जिले के दयालपुर गांव निवासी शहाबुद्दीन मियां के साथ रसूलपुर स्थित अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। सत्तजोरा मठिया के समीप सड़क पर गिरी मिट्टी के कारण उनकी अपाची बाइक फिसल गई और अनियंत्रित होकर मिट्टी ढोने वाले ट्रैक्टर के डाले से जा टकराई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रैक्टर को जब्त कर मामले की जांच कर रही है।
इधर, सैफ अली की मौत से चंद्रपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक के पिता हबीब मियां दिखावन बाजार में सिलाई का छोटा काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि सैफ अली महाराष्ट्र में सिलाई-कटाई का काम करता था और उसकी कमाई से पूरे परिवार का खर्च चलता था। बेटे की मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।
मृतक दो भाइयों में बड़ा था। उसके छोटे भाई का नाम नूर आलम है। परिवार में चार बहनें हैं, जिनमें खुशबू खातून विवाहित हैं, जबकि शबनम खातून, सुहाना खातून और रोशन खातून अविवाहित हैं। मां सकीना खातून का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके विलाप से गांव का माहौल गमगीन हो गया है। परिजन और ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन किसी के पास इस असहनीय दुख का कोई जवाब नहीं है।

हबीब मियां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वे बार-बार यही कह रहे हैं, “मेरा बेटा ही पूरे परिवार का सहारा था, अब हमारे परिवार का पालनहार कौन होगा?” उनकी यह पीड़ा सुनकर गांव के लोगों की भी आंखें नम हो जा रही हैं।