लोकल डेस्क, एन के सिंह।
सुगौली चीनी मिल पहुंचे एसडीएम और एसडीपीओ दिए सख्त निर्देश। बिना रिफ्लेक्टर और लाइट वाले वाहनों पर होगी कानूनी कार्रवाई, चालकों को दी गई अंतिम चेतावनी।
पूर्वी चंपारण: गन्ना लदे ओवरलोडेड ट्रैक्टरों के कारण सड़कों पर बढ़ते हादसों और जाम की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात को मिल रही लगातार शिकायतों के बाद, उनके निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी और सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने सुगौली चीनी मिल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मिल प्रबंधन के साथ उच्चस्तरीय बैठक की और स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों और मिल प्रबंधन पर गाज गिरना तय है।
ओवरलोडिंग से राहगीरों की जान को खतरा
निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने पाया कि चीनी मिल की ओर आने वाले विभिन्न मार्गों पर क्षमता से अधिक गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली धड़ल्ले से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये ओवरलोडेड वाहन न केवल सड़क को नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि अन्य छोटे वाहनों और राहगीरों के लिए 'मौत का जाल' बन जाते हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब सड़कों पर केवल निर्धारित भार क्षमता वाले ट्रैक्टरों को ही चलने की अनुमति दी जाएगी।
रिफ्लेक्टर और सुरक्षा उपकरणों पर जोर
सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने पाया कि कई ट्रैक्टरों में लाइट रिफ्लेक्टर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण गायब हैं, जिससे रात के समय दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। एसडीओ ने वाहन स्वामियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे तत्काल अपने वाहनों में रिफ्लेक्टर और इंडिकेटर दुरुस्त करा लें। साथ ही, चालकों को यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करने की हिदायत दी गई है। उन्होंने मिल प्रबंधन को भी निर्देश दिया कि वे मिल परिसर में आने वाले किसानों और चालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करें।
जन-जागरूकता और स्थायी समाधान की तैयारी
प्रशासन केवल दंडात्मक कार्रवाई तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी चलाएगा। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि यातायात को सुगम बनाने के लिए सड़कों पर पैनी नजर रखी जा रही है। अगर भविष्य में कोई भी ट्रैक्टर ट्राली ओवरलोडेड पाई गई या नियमों का उल्लंघन करती दिखी, तो उसे तुरंत जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चीनी मिल प्रबंधन के साथ हुई इस समीक्षा बैठक में मिल के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासनिक टीम मौजूद रही। प्रशासन की इस सक्रियता से सुगौली और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों ने राहत की सांस ली है।







