स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले में भाजपा के बूथ अध्यक्ष रूपक सहनी को बाइक सवार हमलावरों ने उनकी दुकान पर घेरकर अंधाधुंध गोलियां मारीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
यह सनसनीखेज वारदात बुधवार देर शाम खानपुर थाना क्षेत्र के शादीपुर घाट पर हुई, जहां पुरानी रंजिश ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, SHO निलंबित
घटना की सूचना मिलते ही समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया। ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में खानपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार चौधरी को तत्काल निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, और उनसे पूछताछ में हत्या की साजिश के तार खुलने की उम्मीद है।
एसपी के निर्देश पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की तीन अलग-अलग इकाइयां इलाके में छापेमारी कर रही हैं। बाकी फरार अपराधियों की तलाश तेज कर दी गई है, जिससे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
पुरानी दुश्मनी का खूनी अंत
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि रूपक सहनी और आरोपी पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पहले भी थाने में कई शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं, लेकिन कार्रवाई न होने से मामला बिगड़ गया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में हत्या से पहले आरोपी सोनू और रूपक के बीच तीखी बहस दिख रही है, जो पुलिस जांच का हिस्सा बन गया है।
मृतक के भाई दीपक सहनी, जो भाजपा आईटी सेल के संयोजक हैं, ने स्थानीय पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और शिकायतों को अनदेखा करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इसने राजनीतिक बहस को और भड़का दिया है, जहां भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला है।
हमले का खौफनाक मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम के समय रूपक अपनी कंप्यूटर की दुकान पर ग्राहकों से बात कर रहे थे, तभी बाइक पर आए हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। उन्हें 5-6 गोलियां लगीं, और वे तुरंत जमीन पर गिर पड़े। आसपास के लोग उन्हें खानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई, जिसे काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय लोग पुरानी रंजिश को लेकर चिंतित हैं, और जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
मृतक का राजनीतिक सफर
रूपक सहनी, उम्र करीब 24-30 साल, भाजपा के सक्रिय सदस्य थे। वे शादीपुर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रह चुके थे और पार्टी के बूथ स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उनकी मौत से स्थानीय राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है, और परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से मिले सुरागों के आधार पर और गिरफ्तारियां संभव हैं।







