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सरकार के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल: शामिल होंगे 23 राजनीतिक दल

नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय |

नई दिल्ली: देश की सियासत में विपक्षी एकजुटता को एक नई धार देने के लिए 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की सोमवार को राजधानी दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।

कांग्रेस पार्टी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल बैठक में गठबंधन के 23 प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के मौजूदा राजनीतिक हालातों पर चर्चा करना, आगामी सत्रों के लिए साझा रणनीति बनाना और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट मोर्चा तैयार करना है।  

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से इस बात की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'इंडिया जनबंधन' के 23 दलों ने इस बैठक में शामिल होने के लिए अपनी लिखित और मौखिक सहमति दे दी है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव जैसे कई दिग्गज नेताओं के जुटने की उम्मीद है। हालांकि, तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरणों और आपसी मतभेदों के चलते द्रमुक (DMK) इस बैठक से दूरी बना सकती है, लेकिन गठबंधन के नेताओं का दावा है कि वैचारिक स्तर पर विपक्ष पूरी तरह एकजुट है।  

जयराम रमेश ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि कुछ दल अपने अपरिहार्य और व्यक्तिगत कारणों से इस विशेष बैठक में भौतिक रूप से शामिल नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन उन्होंने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों और कार्रवाईयों के खिलाफ अपने कड़े विरोध को पूरी तरह से दर्ज कराया है। कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की नीतियां और फैसले देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में आज लाखों लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है, संविधान पर प्रतिदिन सुनियोजित हमले हो रहे हैं और केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED, CBI) का दुरुपयोग केवल विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने के लिए किया जा रहा है।  
गठबंधन की इस बैठक में देश की आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और आसमान छूती महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा। जयराम रमेश ने कहा कि बेतहाशा बढ़ती महंगाई के कारण आज देश के आम नागरिकों का घरेलू बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है। करोड़ों लोगों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जबकि देश के लाखों-करोड़ों युवाओं की उम्मीदों और भविष्य की आकांक्षाओं को गहरा झटका लगा है। इसके अलावा, उन्होंने देश में कमजोर होते निवेश के माहौल और सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान विदेश नीति से राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता किया जा रहा है।

अपने संदेश के अंत में कांग्रेस महासचिव ने गठबंधन की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस प्रकार भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है, ठीक उसी तरह 'इंडिया' गठबंधन भी अपनी आंतरिक विविधताओं के बावजूद पूरी तरह से एकजुट और संकल्पित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के लोकतंत्र, पवित्र संविधान और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी दल मिलकर अपना संघर्ष जारी रखेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक आगामी संसद सत्रों और 2029 के आम चुनावों के मद्देनजर विपक्ष की भविष्य की दिशा तय करने में बेहद निर्णायक साबित होगी।