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सरकारी स्कूलों में भवन और रास्ते की जरूरतों का मांगा गया ब्योरा

लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।

सीवान : दारौंदा प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। प्रखंड के कनीय अभियंता (जेई) ज्ञान प्रकाश ने सभी प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से विद्यालयों की आधारभूत जरूरतों से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

मांगी गई जानकारी में ऐसे विद्यालयों की सूची शामिल है जो अब तक भवनविहीन हैं। इसके अलावा जिन विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में अतिरिक्त वर्ग कक्षों की अत्यंत आवश्यकता है, वहां आवश्यक कमरों की संख्या का भी विवरण मांगा गया है। जेई ने ऐसे विद्यालयों की भी जानकारी तलब की है, जहां तक पहुंचने के लिए समुचित रास्ता उपलब्ध नहीं है। इसमें यह भी बताना होगा कि रास्ते की समस्या सरकारी भूमि से जुड़ी है या निजी भूमि से। साथ ही जर्जर भवनों वाले विद्यालयों और वहां मौजूद क्षतिग्रस्त भवनों की संख्या का भी ब्योरा उपलब्ध कराना होगा।

इसके अतिरिक्त जिन विद्यालयों में भवन निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अधूरा छोड़ दिया गया है, उनकी सूची भी तैयार की जा रही है। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन कर उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि आधारभूत संरचना संबंधी समस्याओं का समाधान कराया जा सके। शिक्षा विभाग की इस कवायद से प्रखंड के विद्यालयों में भवन, अतिरिक्त कक्ष, पहुंच पथ और अधूरे निर्माण कार्यों की समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है