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सहकारी व्यवस्था को मजबूत कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दी जा रही नई दिशा : डा. प्रमोद कुमार

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

  • प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक और कॉम्फेड के बीच हुआ एमओए 

पटना। प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक और कॉम्फेड के बीच मंगलवार को एक महत्वपूर्ण एकरारनामा ज्ञापन (एमओए) हुआ है। पटना के होटल "कौटिल्या पनाश" में उनके बीच इस एकरारनामा पर हस्ताक्षर किया गया। बैंक की ओर से इसके प्रबंध निदेशक मनोज कुमार तथा कॉम्फेड की ओर उसके प्रबंध निदेशक समीर सौरभ, द्वारा एकरारनामा पर हस्ताक्षर किया गया।

इस अवसर पर सहकारिता विभाग के मंत्री डा. प्रमोद कुमार और डेयरी पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता उपस्थित थे। 

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारी व्यवस्था को मजबूत बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बैंक मित्र पहल से गांव स्तर पर बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी और सहकारी समितियां आर्थिक गतिविधियों का मजबूत केंद्र बनेंगी। इससे वित्तीय समावेशन बढ़ेगा तथा ग्रामीण लोगों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। यह पहल सहकारिता संस्थाओं के बीच पारस्परिक सहयोग को मजबूत करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी, किसानों की आय वृद्धि में सहायक बनेगी तथा सहकारिता के माध्यम से समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

वहीं डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि दुग्ध एवं पशुपालन से जुड़े किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारिता और बैंकिंग व्यवस्था का आपसी समन्वय आवश्यक है। इस पहल से दुग्ध समितियों एवं पशु पालकों को आसान वित्तीय सुविधाएं मिलेंगी, जिससे ग्रामीण रोजगार और आय के अवसर में वृद्धि होगी। 

मौके पर बिहार राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि भारत सरकार की पहल "सहकारिता में सहकार" के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को सशक्त बनाने तथा डोर स्टेप बैकिंग सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारी संस्थाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।

बैंक के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे ने कहा कि इस एमओए का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियो के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर उन्हें बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उन्हें बैंक मित्र के रूप में विकसित करना है। 

इस मौके पर दोनों विभागों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।