नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
सावन महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह 28 अगस्त को खत्म होगा। इस महीने में कई व्रत और त्योहार हैं।
सावन भगवान शिव का महीना माना जाता है। भक्त इस दौरान शिवजी की पूजा करते हैं। सोमवार के व्रत खास होते हैं। हरियाली तीज, नाग पंचमी और रक्षा बंधन भी इसी महीने में पड़ेंगे।
सावन कब से कब तक
वैदिक पंचांग के अनुसार 29 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा है। अगले दिन 30 जुलाई से सावन शुरू होगा। महीना 28 अगस्त को समाप्त होगा। उसी दिन रक्षा बंधन और सावन पूर्णिमा है।
प्रमुख त्योहार और व्रत
- 1 अगस्त को गजानन संकष्टी है। इस दिन गणेशजी की पूजा होती है।
- 3 अगस्त को पहला सावन सोमवार है। यह दिन महादेव को बहुत प्रिय है।
- 4 अगस्त को पहला मंगला गौरी व्रत है। सुहागिन महिलाएं यह व्रत रखती हैं।
- 5 अगस्त को कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी है।
- 8 अगस्त को कामिका एकादशी है। इस दिन विष्णु भगवान की पूजा का विधान है।
- 10 अगस्त को सावन शिवरात्रि है। उसी दिन दूसरा सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत भी है।
- 11 अगस्त को दूसरा मंगला गौरी व्रत पड़ेगा।
- 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या है। उसी दिन सूर्य ग्रहण भी है। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा।
- 15 अगस्त को हरियाली तीज है। उसी दिन दूर्वा गणपति चतुर्थी भी मनाई जाएगी।
- 16 अगस्त को नाग पंचमी है। सिंह संक्रांति भी उसी दिन है।
- 17 अगस्त को तीसरा सावन सोमवार है। नाग पंचमी के बाद यह दिन खास है। कल्कि जयंती और स्कंद षष्ठी भी उसी दिन पड़ रही है। तीसरा मंगला गौरी व्रत भी 17 अगस्त को है।
- 19 अगस्त को तुलसीदास जयंती है।
- 20 अगस्त को मासिक दुर्गाष्टमी पड़ेगी।
- 21 अगस्त को वरलक्ष्मी व्रत है।
- 23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी है। यह विष्णु भगवान को समर्पित है।
- 24 अगस्त को चौथा सावन सोमवार है। दामोदर द्वादशी भी उसी दिन है।
- 25 अगस्त को चौथा मंगला गौरी व्रत पड़ेगा।
- 27 अगस्त को चंद्र ग्रहण है। यह भी भारत में नहीं दिखेगा।
- 28 अगस्त को रक्षा बंधन है। सावन महीना इसी दिन खत्म होगा।
17 अगस्त का खास संयोग
17 अगस्त को तीसरा सावन सोमवार और नाग पंचमी एक साथ हैं। सिंह संक्रांति भी उसी दिन है। यह संयोग करीब 20 साल बाद बन रहा है। नाग देवता शिवजी के प्रिय हैं। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाएं। फिर नाग देवता की पूजा करें।
पूजा का महत्व
सावन में शिवजी और मां पार्वती की पूजा से सुख मिलता है। सोमवार के व्रत विधि से रखने से विशेष फल मिलता है। भक्त पूरे महीने श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हैं।







