लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने की है विशेष तैयारी'।*
जिला पदाधिकारी ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
सीवान/खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में सीवान जिला प्रशासन द्वारा जिले में घरेलू रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति और उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में आज जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय ने समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में प्रेसवार्ता कर जिले में गैस की उपलब्धता पर विशेष जानकारी दी। प्रेस वार्ता में जिला पदाधिकारी ने जिलेवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि सिवान में घरेलू उपयोग के लिए रसोई गैस सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, अतः आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की घबराहट या ईंधन संकट की आशंका पालने की कतई आवश्यकता नहीं है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सक्रिय है और मांग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे गैस एजेंसियों या वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और न ही किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों अथवा अफवाहों पर ध्यान दें। जिला प्रशासन उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु पूरी तरह सजग है और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता की निरंतर निगरानी की जा रही है।
गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि अब कोई भी घरेलू उपभोक्ता अपने पिछले गैस सिलेंडर की डिलीवरी प्राप्त होने के कम से कम 25 दिनों के अंतराल के बाद ही अगले सिलेंडर की बुकिंग करने के लिए पात्र होगा।
इस अनिवार्य समयावधि का निर्धारण मुख्य रूप से गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए किया गया है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक ईंधन की पहुंच सुनिश्चित की जा सके। उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया गया है कि एक बार बुकिंग सफलतापूर्वक दर्ज होने के पश्चात, संबंधित गैस वितरक द्वारा अगले 2 से 3 कार्य दिवसों के भीतर सिलेंडर की होम डिलीवरी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और भीड़ के कारण उत्पन्न होने वाली अव्यवस्था को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी की व्यवस्था की है।। निगरानी दल में मार्केटिंग ऑफिसर को प्रखंडवार प्रतिनियुक्त कर उन्हें छापेमारी और औचक निरीक्षण के लिए अधिकृत किया गया है।
विशेष दल निरंतर निगरानी रखेंगी ताकि कोई भी वितरक कृत्रिम अभाव पैदा न कर सके। यदि कोई भी एजेंसी या व्यक्ति जमाखोरी या कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध 'आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955' के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य हर नागरिक को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से रसोई गैस उपलब्ध कराना है।
जिला पदाधिकारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली और वितरण नेटवर्क की स्वयं भी सघन निगरानी करें। यदि कोई वितरक कृत्रिम अभाव पैदा करने या कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।







