स्टेट डेस्क, मुस्कान सिंह।
कोलकाता, पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने सोमवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। बैठक में भारत-बंगलादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल यानी सीमा सुरक्षा बल (BSF) को कंटीले तार लगाने हेतु जमीन हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र की कई सामाजिक कल्याण योजनाओं को लागू करने का भी फैसला लिया।
मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय नवन्ना में कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सीमा पर बाड़ लगाने के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि अगले 45 दिनों के भीतर यह जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद बीएसएफ सीमा पर फेंसिंग का कार्य तेजी से पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से सीमा क्षेत्र में अवैध घुसपैठ और तस्करी जैसी समस्याएं चिंता का विषय रही हैं। ऐसे में सीमा पर कंटीले तार लगाने का काम पूरा होने से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने मुख्य सचिव को पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी है, ताकि तय समय सीमा के भीतर काम पूरा हो सके।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की सीमा बंगलादेश के साथ करीब 2216.7 किलोमीटर तक फैली हुई है, जो देश की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में से एक मानी जाती है। सीमा के कई हिस्सों में अब तक फेंसिंग का काम पूरा नहीं हो पाया है, जिस कारण सुरक्षा एजेंसियां लगातार चिंता जताती रही हैं।
राज्य सरकार ने इसी बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना को लागू करने को भी मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि इससे राज्य के लाखों लोगों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसके अलावा अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई सरकार अपने पहले फैसलों के जरिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता देने का संदेश देने की कोशिश कर रही है। वहीं सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उम्मीद है कि फेंसिंग का काम पूरा होने से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पहले से बेहतर होगी।







