नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार के सीवान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाए जाने का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि खबरें आ रही हैं कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर छात्रों से किए गए वादे से मुकरने का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि छात्रों पर कोई प्राथमिकी दर्ज न करने और उन्हें रिहा करने का वादा कहां गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने वादे निभाने के बजाय छात्रों पर घातक हमले और बर्बरता की। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि ये छात्र हैं, आतंकवादी नहीं, जिन पर एके-47 चलाई जा रही है। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का भी जिक्र किया।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद 25 जुलाई को सीवान के गांधी मैदान और जेपी चौक के आसपास नीट पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान भड़का, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विशेष जांच दल (एसआईटी) में तैनात जवान अभिषेक पटेल एके-47 से फायरिंग करते दिखे। इस फायरिंग में तीन प्रदर्शनकारी घायल हुए, जिनका इलाज चल रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया और मामले की विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई। इस घटना को लेकर अब तक तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और सीवान हिंसा के सिलसिले में 25 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी वायरल वीडियो पर सवाल उठाते हुए सरकार को कड़े शब्दों में घेरा और इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि गौरतलब है कि जिस दिन यह घटना हुई, उससे पहले ही शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में चल रहा नीट पेपर लीक विरोधी आंदोलन काफी हद तक थम गया था, लेकिन सीवान की इस फायरिंग की घटना को लेकर विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। कांग्रेस और राजद जैसे विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार केंद्र और राज्य सरकार पर हमलावर बने हुए हैं और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।







