विदेश डेस्क : ऋषि राज
वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य हमलों को रोकने का प्रस्ताव दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, उनका मानना है कि लगातार सैन्य कार्रवाई अब अपनी प्रभावशीलता की सीमा तक पहुंच चुकी है और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए नई रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।
सूत्रों के मुताबिक एडमिरल कूपर ने हाल के दिनों में व्हाइट हाउस और पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में यह सुझाव रखा। उन्होंने तर्क दिया कि अब तक किए गए हवाई हमलों से ईरान की कई सैन्य क्षमताओं को कमजोर किया जा चुका है और लगातार बमबारी से अपेक्षित अतिरिक्त रणनीतिक लाभ मिलने की संभावना सीमित होती जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई पर पुनर्विचार करने के फैसले पर भी इस सलाह का प्रभाव पड़ा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाले सैन्य अभियानों में केवल हवाई शक्ति पर निर्भर रहना हमेशा प्रभावी नहीं होता और कूटनीतिक प्रयासों को भी समान महत्व देना आवश्यक है।
एडमिरल कूपर ने यह भी कहा कि अमेरिकी और सहयोगी देशों के अधिकांश प्राथमिक सैन्य लक्ष्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। ऐसे में क्षेत्र में तनाव कम करने और समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सैन्य कार्रवाई की जगह संतुलित रणनीति अपनाना अधिक उपयुक्त होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, शिपिंग उद्योग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसलिए अमेरिका सहित कई देश इस मार्ग की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि क्षेत्र में सैन्य तनाव कम होता है तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है। हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच गहरे मतभेद अब भी बने हुए हैं, इसलिए स्थायी समाधान के लिए कूटनीतिक वार्ता और विश्वास बहाली के उपाय आवश्यक होंगे।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिका की नई रणनीति, ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। यदि सैन्य टकराव कम होता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद की जा सकती है, जिससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौटने की संभावना बढ़ेगी।







