नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।
लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 18वें दिन पहुंच गए हैं। वजन घटकर 57.15 किलो रह गया है, स्वास्थ्य चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। जंतर मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में वांगचुक की हालत बिगड़ने से चिंता बढ़ गई है। सिविल सोसाइटी, विपक्षी नेता और जनप्रतिनिधि उन्हें भूख हड़ताल खत्म करने की अपील कर रहे हैं।
स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट
चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार वांगचुक ने हड़ताल शुरू करने के बाद 8.9 किलो वजन कम कर लिया है। उनका वजन अब 57.15 किलो रह गया है। ब्लड शुगर 80 mg/dL, ब्लड प्रेशर 105/76 mmHg है। वे केवल नमक मिले पानी पर निर्भर हैं। लगातार निगरानी की जा रही है। डॉक्टर सतीश लांबा के अनुसार वे बहुत कमजोर हैं और 24 घंटे मेडिकल वॉच में रखे गए हैं।
मांग और स्थिति
वांगचुक NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा चाहते हैं। 59 साल के कार्यकर्ता पहले भी 2024 में लद्दाख के मुद्दों पर 20 दिन से ज्यादा की दो भूख हड़ताल कर चुके हैं। मंगलवार रात वे CJP के नेताओं से लंबी चर्चा में शामिल हुए। उन्होंने अपनी स्थिति को लेकर चिंता दूर करते हुए कहा कि उनकी हालत इतनी खराब नहीं है कि दो दिन में कुछ हो जाए। उन्होंने 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने की अपील की।
शोर से परेशानी
लद्दाख की शांत वातावरण के आदी वांगचुक जंतर मंतर के शोर से काफी परेशान हैं। उन्होंने नॉइज कैंसलिंग ईयरफोन मंगवाए हैं।







