नेशन डेस्क , श्वेता प्रिया
नई दिल्ली | देशभर में शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सोमवार को नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचे। महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
वांगचुक ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि "सिर्फ शुरुआत" है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की मांग केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों के साथ खुली बातचीत शुरू करने की अपील की। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सभी पक्षों की भागीदारी आवश्यक है, ताकि भविष्य में परीक्षा संबंधी विवादों और अनियमितताओं से बचा जा सके।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों को लेकर कई स्थानों पर प्रदर्शन किए हैं। इसी क्रम में आंदोलन लगातार तेज हो रहा है।
सरकार की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में बहस जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।







