स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
मेरठ। सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को साहिल और मुस्कान को दोषी करार दिया। दोषसिद्धि के बाद सौरभ के परिवार ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। सौरभ की मां रेनू, भाई राहुल उर्फ बबलू और बुआ सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद थे। वहीं, साहिल और मुस्कान के परिवार से कोई भी सदस्य अदालत नहीं पहुंचा। दोषी करार दिए जाने के बाद सौरभ के स्वजन भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि बेटे को न्याय मिलने तक परिवार अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू ने कहा कि परिवार 30 सितंबर को दोषसिद्धि के साथ ही दोनों को सजा सुनाए जाने की उम्मीद लेकर अदालत पहुंचा था। अब सजा सुनाए जाने के लिए 14 अक्टूबर तक इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि परिवार चाहता था कि दोनों को दोषी करार दिए जाने के साथ ही सजा भी सुना दी जाती। राहुल ने कहा कि जिस तरह से उनके भाई की हत्या की गई, उसके लिए फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर फांसी से भी कठोर कोई सजा होती तो वह भी दोषियों को दी जानी चाहिए।
सौरभ की मां रेनू ने कहा कि वह सुबह से इसी उम्मीद के साथ अदालत पहुंची थीं कि बुधवार को दोनों आरोपितों को सजा सुना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परिवार की मांग है कि साहिल और मुस्कान को फांसी की सजा मिले। रेनू ने कहा कि यदि बच्ची का आधार लेकर दोषियों की सजा कम कराने की कोशिश की जाती है तो परिवार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना बेटा खोया है और वह उसके लिए न्याय चाहता है।
रेनू ने कहा कि परिवार को अदालत पर भरोसा है और उम्मीद है कि दोनों दोषियों को फांसी की सजा मिलेगी। यदि ऐसा नहीं होता है तो परिवार हाईकोर्ट तक जाएगा और अपनी क्षमता के अनुसार मुकदमे की लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि परिवार तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक सौरभ को न्याय नहीं मिल जाता। स्वजन का कहना है कि बेटे की हत्या के मामले में वे हर स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
दूसरी ओर, अदालत से दोषी करार दिए जाने की जानकारी मिलने के बाद जिला कारागार में बंद साहिल और मुस्कान वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान रोने लगे। इसके बाद जेल प्रशासन ने दोनों को उनकी-अपनी बैरक में भेज दिया। जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान अपनी बेटी को लेकर काफी भावुक और दुखी नजर आ रही थी। बुधवार को सजा सुनाए जाने की उम्मीद में उसने पूजा की थी और सुंदरकांड का पाठ भी किया था। दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों ने शाम को केवल एक-एक रोटी खाई।
इससे पहले मंगलवार को साहिल और मुस्कान ने जिला जज की अदालत में अपनी ओर से प्रार्थना पत्र दिया था। दोनों ने आरोप लगाया था कि गिरफ्तारी के बाद रिमांड के दौरान कचहरी में अधिवक्ताओं ने उनके साथ मारपीट की थी। उन्होंने अदालत के समक्ष यह आशंका भी जताई थी कि इस बार भी कोर्ट में उनके साथ मारपीट हो सकती है। इसी वजह से दोनों ने सजा सुनाए जाने की कार्यवाही भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराने का अनुरोध किया था।
अदालत ने दोनों के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद बुधवार को साहिल और मुस्कान की अदालत में पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही हुई। दोषसिद्धि के बाद अब दोनों को सजा सुनाए जाने की तारीख 14 अक्टूबर तय है। वहीं, सौरभ के परिवार ने स्पष्ट किया है कि वह दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रखेगा और बेटे को न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेगा।







