विदेश डेस्क, ऋषि राज।
वॉशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स ने अपने मेगा रॉकेट स्टारशिप की 13वीं परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर एक बार फिर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। टेक्सास स्थित स्टारबेस लॉन्च साइट से किए गए इस परीक्षण में रॉकेट ने निर्धारित उड़ान क्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया और मिशन के अंतिम चरण में नियंत्रित तरीके से हिंद महासागर में सुरक्षित लैंडिंग की। इस सफलता को भविष्य के चंद्र और मंगल अभियानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्पेसएक्स के अनुसार स्टारशिप ने अंतरराष्ट्रीय समयानुसार शुक्रवार रात उड़ान भरी। लॉन्च के तुरंत बाद सभी प्रमुख प्रणालियों ने सामान्य रूप से कार्य किया और रॉकेट ने तय ऊंचाई तक सफलतापूर्वक पहुंचकर अपने उड़ान परीक्षण को पूरा किया। मिशन के दौरान इंजन, नेविगेशन सिस्टम, ईंधन प्रबंधन और उड़ान नियंत्रण से जुड़े कई तकनीकी परीक्षण भी किए गए।
परीक्षण के अंतिम चरण में स्टारशिप के ऊपरी हिस्से ने नियंत्रित तरीके से पुनः पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया। इसके बाद निर्धारित योजना के अनुसार हिंद महासागर में सुरक्षित स्प्लैशडाउन किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों का विश्लेषण आगामी अभियानों की तैयारी में उपयोग किया जाएगा।
स्पेसएक्स लंबे समय से स्टारशिप परियोजना पर कार्य कर रही है। कंपनी का उद्देश्य ऐसा पुन: उपयोग योग्य रॉकेट विकसित करना है जो भारी पेलोड को अंतरिक्ष तक ले जाने में सक्षम हो। भविष्य में इसी प्रणाली का उपयोग नासा के आर्टेमिस मिशन, चंद्रमा पर मानव मिशन और मंगल ग्रह पर संभावित मानव अभियान के लिए किया जाना प्रस्तावित है।
हाल के वर्षों में स्टारशिप के कई परीक्षण हुए, जिनमें कुछ मिशनों को तकनीकी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। हालांकि हर परीक्षण के बाद कंपनी ने आवश्यक सुधार किए और प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाया। 13वीं परीक्षण उड़ान की सफलता इस निरंतर सुधार प्रक्रिया का परिणाम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता केवल स्पेसएक्स के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण है। पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण प्रणाली अंतरिक्ष अभियानों की लागत कम करने और भविष्य के वैज्ञानिक अनुसंधानों को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य मानव सभ्यता को बहुग्रहीय बनाना है। स्टारशिप परियोजना उसी महत्वाकांक्षी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। सफल परीक्षण के बाद अब कंपनी अगली उड़ानों की तैयारी और नई तकनीकी क्षमताओं के परीक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगी।







