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स्वयं की कमियों का विश्लेषण ही प्रेरणा का आधार: बिमल सर्राफ

लोकल डेस्क, ऋषि राज।

रक्सौल: जिंदगी के बैंक में जब प्रेम का संतुलन कम हो जाता है तब सुख के चेक अस्वीकृत होने लगते हैं।उक्त विचार लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता एवं भारत विकास परिषद् , रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।

जो बदल जाए उनके लिए कभी दुःखी मत हो, क्योंकि पत्तों ने जब भी रंग बदला है वह जमीन पर ही आकर गिरे हैं। बिना प्रयास किए आप सिर्फ नीचे गिर सकते हैं, ऊपर नहीं उठ सकते,यह गुरुत्वाकर्षण का नियम भी है और जीवन का भी। मनुष्य के पास सबसे बड़ी पूंजी उनके अच्छे विचार हैं क्योंकि धन और बल किसी को भी गलत राह पर ले जा सकते हैं, किन्तु अच्छे विचार सदैव अच्छे कार्यों के लिए ही प्रेरित करेंगे। सबसे बेहतरीन नजर वो है जो अपनी कमियों को देख सके क्योंकि नींद तो रोज ही खुलती है पर आँखे कभी-कभी ही इंसान को सदैव परखती है। अपना अतीत याद रखना चाहिए जो उसका सर्वोत्तम मार्ग दर्शक रहता है। बहुत संभल कर चलें। इस रंग बदलती दुनिया में यहां पलकों पर बैठाया जाता है,नजरों से गिराने के लिए।

दुःख पीछे की ओर देखता है और चिन्ता इधर-उधर देखती है,केवल विश्वास ही है जो हमेशा आगे की ओर देखता है इसलिए विश्वास की ज्योति कभी बुझने ना दें, जब तक एक दूसरे की मदद करते रहेंगे,तब तक कोई भी नहीं गिरेगा,चाहे व्यापार हो परिवार हो या फिर समाज। कौन गलत कौन सही,इसमें ध्यान देने से कहीं बेहतर है कि हम खुद अपनी उन्नति में ध्यान केंद्रित करें,क्योंकि अगर मै सही हूँ,तो मै जितनी उन्नति करूंगा,उतना ही लोगों की उन्नति में सहयोगी हो सकूँगा। परमात्मा की कृपा उसी पर होती है जो सच्चे दिल से हर कार्य में उसकी मदद लेना जानते हो, जिस प्रकार एक वृक्ष की खूबसूरती फूल और पत्तों में निर्भर करती है,ठीक उसी प्रकार इंसान की खूबसूरती उनके विचार और व्यवहार पर निर्भर करती है।