नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली: लोकसभा में शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन भी विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और अंततः पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह से ही विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन में शोर-शराबे की स्थिति बनी रही।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के बीचोंबीच आ गए। वे अपने मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे थे। इस दौरान अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांति बनाए रखने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, मगर हंगामा जारी रहा। शोरगुल के कारण कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर 12 बजे जब पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेनेटी ने दोबारा कार्यवाही शुरू कराई, तब भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। विपक्षी सदस्य फिर से नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। हंगामे के बीच ही जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखे गए, लेकिन व्यवस्थित ढंग से कामकाज नहीं हो सका।
पीठासीन अधिकारी ने बार-बार सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लगातार व्यवधान के बीच कार्यवाही चलाना संभव नहीं है। इसके बावजूद जब हंगामा नहीं थमा, तो उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न राजनीतिक और नीतिगत मुद्दों को लेकर सदन में गतिरोध बना हुआ है। सरकार और विपक्ष के बीच सहमति न बनने के कारण संसद का कामकाज प्रभावित हो रहा है। संसदीय कार्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि सभी दल संवाद के जरिए समाधान निकालेंगे ताकि सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चल सके और महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए जा सकें।







