Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा, मीडिया संस्थानों को बनाया निशाना

विदेश डेस्क, ऋषि राज

ढाका: बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा ने भयावह रूप ले लिया है। इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़के प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ढाका समेत कई शहरों में जमकर उत्पात मचाया। देर रात हुई इस हिंसा के दौरान न सिर्फ सरकारी और निजी संपत्तियों को निशाना बनाया गया, बल्कि पत्रकारिता पर भी सीधा हमला किया गया। उपद्रवियों ने ढाका के कावरान बाजार इलाके में स्थित देश के प्रतिष्ठित अखबार द डेली स्टार के दफ्तर में आग लगा दी, जिसमें करीब 30 पत्रकारों की जान खतरे में पड़ गई। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए वाहनों में आगजनी की, इमारतों में तोड़फोड़ की और कई इलाकों में दहशत फैला दी। यह हिंसा इंकलाब मंच के प्रमुख चेहरे और दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की। हादी की गुरुवार रात सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वह 12 दिसंबर को ढाका के बिजोयनगर इलाके में एक चुनावी अभियान के दौरान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए थे।

हिंसा के दौरान सबसे गंभीर घटना द डेली स्टार और प्रोथोम आलो अखबारों के दफ्तरों पर हमला रही। समाचार एजेंसी एएनआई और बीडी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पहले प्रोथोम आलो के कार्यालय पर हमला किया, जहां तोड़फोड़ की गई। इसके बाद भीड़ द डेली स्टार के दफ्तर की ओर बढ़ी। रात करीब 12 बजे हमलावरों ने इमारत के ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल में तोड़फोड़ की और फिर करीब 12:30 बजे आग लगा दी। आग तेजी से फैलती गई और पूरे दफ्तर में धुएं का घना गुबार भर गया। अंदर मौजूद पत्रकार और कर्मचारी फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाहर भारी भीड़ मौजूद होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर अंदर नहीं जा सकीं। इस दौरान अंदर फंसी एक महिला रिपोर्टर जायमा इस्लाम ने फोन पर मदद की गुहार लगाते हुए कहा, “मैं सांस नहीं ले पा रही हूं, बहुत ज्यादा धुआं है। मैं अंदर फंसी हूं… ये लोग हमें मार रहे हैं।” यह ऑडियो संदेश बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

करीब चार घंटे बाद, शुक्रवार तड़के लगभग 4 बजे, सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों की मदद से कम से कम 30 पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि कई पत्रकारों की हालत धुएं के कारण बिगड़ गई, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। इस बीच, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने कहा कि हिंसा और आगजनी से किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकलता। उन्होंने नागरिकों से संयम बरतने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से जांच करने देने की अपील की।

यूनुस ने कहा, “सरकार कानून के शासन को बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने पत्रकारों पर हुए हमले को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। बांग्लादेश में हाल के महीनों में राजनीतिक तनाव और अस्थिरता लगातार बढ़ रही है। विश्लेषकों का मानना है कि शरीफ उस्मान हादी की मौत ने पहले से सुलग रही असंतोष की आग में घी डालने का काम किया है। मीडिया संस्थानों पर हमला लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल ढाका और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, लेकिन देश में तनाव अभी पूरी तरह कम होता नजर नहीं आ रहा है।