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पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

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हिरासत से बाहर आते ही राहुल का मोदी सरकार पर हमला, रखीं 4 बड़ी मांगें

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का छत्रसाल स्टेडियम स्थित डिटेंशन सेंटर से एक वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में राहुल गांधी सीढ़ियों पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उनके एक पैर में जूता है, जबकि दूसरा पैर बिना जूते के नजर आ रहा है। वीडियो में उन्होंने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए और छात्रों के मुद्दों पर अपनी बात रखी।

राहुल गांधी ने वीडियो में कहा कि विपक्ष संसद में छात्रों से जुड़े मुद्दों और देश की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली पर चर्चा चाहता था, लेकिन सरकार ने इस विषय पर बहस की अनुमति नहीं दी। उनका आरोप था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में चर्चा से बचना सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें भी रखीं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने छात्रों पर कथित अत्याचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के युवाओं से माफी मांगने और शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की।

इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई सांसदों और कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए जाने के बाद कुछ नेताओं को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जबकि राहुल गांधी समेत कुछ अन्य नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम स्थित डिटेंशन सेंटर भेजा गया। इसी डिटेंशन सेंटर से राहुल गांधी का वीडियो सामने आया, जिसमें वह छात्रों के अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते नजर आए। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गईं।

कुछ घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी सहित हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को रिहा कर दिया। इस दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी हिरासत में लिए गए नेताओं से मिलने मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं। विपक्ष ने छात्रों के मुद्दों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं, जबकि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है।