विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
रियाद। यमन के हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों और सुरक्षा खतरे के बीच सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को कड़ी सुरक्षा में एक महल से दूसरे महल में ले जाए जाने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और उन्हें ऐसे महलों में रखा जा रहा है, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और बंकर मौजूद हैं।
क्राउन प्रिंस को आखिरी बार मंगलवार को सार्वजनिक रूप से देखा गया था, जब उन्होंने राष्ट्रीय रक्तदान अभियान के तहत रक्तदान किया था। इसके बाद से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आए हैं। उनकी गतिविधियों पर नजर रखने वाले अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया गया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी आवाजाही बेहद गोपनीय रखी जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 41 साल के मोहम्मद बिन सलमान को रक्तदान करने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। उनकी गतिविधियों की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि उन्हें लगातार कड़ी सुरक्षा वाले अलग-अलग महलों में ले जाया जा रहा है। इन महलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ बंकर भी बनाए गए हैं, ताकि किसी संभावित हमले की स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष तेज होने तथा देश में सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ने के बाद क्राउन प्रिंस की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनकी सुरक्षा के लिए एक खास टीम तैनात की गई है, जो मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही है।
सऊदी अरब पर शनिवार को पिछले दस वर्षों के सबसे भीषण हमलों में से एक होने का दावा किया गया है। बताया गया है कि हूती विद्रोहियों की कम से कम एक मिसाइल राजधानी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरी। इस हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए। घायलों में कई की स्थिति गंभीर बताई गई है। इस हमले के बाद सऊदी अरब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रहे हमलों और संभावित खतरों को देखते हुए देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों तथा शाही परिवार की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में क्राउन प्रिंस को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाए जाने की खबर सामने आई है।
हमले के बारे में जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, ईरान युद्ध से जुड़े संघर्षों के दौरान अमेरिका या उसके खाड़ी सहयोगियों पर हुआ यह अब तक का सबसे घातक हमला बताया गया है। इस हमले में मिस्र की 28 वर्षीय एक फ्लाइट अटेंडेंट की भी मौत हो गई। बताया गया कि हमले के दौरान उसका एक हाथ कटकर अलग हो गया था और अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। वह उन कई पीड़ितों में शामिल थीं, जिन्होंने इस हमले में अपने अंग गंवा दिए। इस घटना ने हमले की भयावहता को उजागर किया है। बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने और गंभीर रूप से घायल होने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
वीकेंड पर हुए मिसाइल हमले के बाद से किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद है। जानकारी के अनुसार, पिछले पांच दिनों के दौरान इस हवाई अड्डे को चार बार निशाना बनाया गया है। लगातार हमलों के कारण हवाई अड्डे की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं और वहां परिचालन बंद रखा गया है। राजधानी के महत्वपूर्ण हवाई अड्डे पर बार-बार हमले होने से सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। इन घटनाओं के बीच क्राउन प्रिंस की सार्वजनिक गतिविधियों में कमी और उन्हें सुरक्षित महलों के बीच ले जाए जाने की खबरों ने भी ध्यान खींचा है।
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने हमलों की गंभीरता को देखते हुए कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हमले जितने गंभीर होंगे, देश की प्रतिक्रिया भी उतनी ही सख्त होगी। सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाए जाने और बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की खबरें सामने आई हैं। लगातार मिसाइल हमलों, हवाई अड्डे के बंद रहने और क्राउन प्रिंस की सुरक्षा बढ़ाए जाने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, मोहम्मद बिन सलमान की मौजूदा स्थिति और उनकी गतिविधियों को लेकर सामने आए दावे अधिकारियों की जानकारी पर आधारित हैं।







