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होर्मुज संकट पर ओमान में फिर शुरू हुई ईरान-अमेरिका महत्वपूर्ण वार्ता आज

विदेश डेस्क : ऋषि राज

मस्कट: रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव को कम करने के प्रयासों के तहत ईरान और अमेरिका के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में एक बार फिर उच्चस्तरीय वार्ता शुरू हुई है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच यह बातचीत क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री व्यापार और हालिया सैन्य तनाव को कम करने के उद्देश्य से हो रही है। ओमान एक बार फिर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची वार्ता में भाग लेने के लिए मस्कट पहुंचे हैं। ओमानी अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग दौर की बैठकों की व्यवस्था की है। माना जा रहा है कि वार्ता का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और क्षेत्र में सैन्य टकराव की संभावना को कम करना है।

हाल के सप्ताहों में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हुआ है क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से में तेल आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। किसी भी प्रकार का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूती मिल सकती है। हालांकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को देखते हुए किसी बड़े समझौते तक पहुंचना आसान नहीं माना जा रहा। इसके बावजूद बातचीत जारी रहना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

ओमान ने पहले भी कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और दोनों देशों के बीच संवाद का भरोसेमंद मंच उपलब्ध कराया है। यही कारण है कि इस बार भी मस्कट को वार्ता के लिए चुना गया।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। यदि बातचीत सफल रहती है तो होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम होने, समुद्री व्यापार सामान्य होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद बढ़ सकती है। फिलहाल दोनों पक्षों ने वार्ता को रचनात्मक बताते हुए आगे भी संवाद जारी रखने के संकेत दिए हैं।