नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में भारत में पांच नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक देश ने 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में इस दशक में पांच नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ब्रिडर रिएक्टर के जरिए परमाणु ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों की सोच के कारण भारत लंबे समय तक ऊर्जा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रहा। पिछले 12 वर्षों में उनकी सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘शांति विधेयक’ पारित किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में सरकार की अन्य उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश के केवल 70 शहरों में पाइप से गैस की सुविधा उपलब्ध थी, जिसे अब 700 शहरों तक पहुंचाया गया है। आज करीब पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस की आपूर्ति हो रही है।
उन्होंने बताया कि 2014 में देश की सौर ऊर्जा क्षमता केवल दो गीगावाट थी, जबकि अब यह 160 गीगावाट के स्तर तक पहुंच चुकी है। गरीबों और मध्यम वर्ग को लाभ देने के लिए पीएम सूर्यघर योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 50 लाख घरों का आंकड़ा पार हो चुका है।
मोदी ने रेलवे के विद्युतीकरण और हाइड्रोजन ट्रेन की उपलब्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा और परिवहन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।







