स्टेट डेस्क, रानी कुमारी।
पटना। मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता अब खतरे में पड़ गई है। बिहार विधानसभा सचिवालय ने सोमवार को उन्हें शोकॉज नोटिस जारी कर दिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में भेजे गए इस नोटिस का जवाब अनंत सिंह को सात दिनों के अंदर देना होगा। नोटिस प्राप्त होने के बाद अब उनकी विधायकी पर तलवार लटक गई है।
विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के निर्देश पर यह नोटिस जारी किया है। सोमवार को अनंत सिंह को यह नोटिस मिल भी गया। जवाब मिलने के बाद अध्यक्ष कार्यालय आगे की कार्रवाई तय करेगा।
जेडीयू की शिकायत पर शुरू हुई प्रक्रिया
यह कार्रवाई जनता दल यूनाइटेड की शिकायत पर हुई है। जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने का आवेदन सौंपा था। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि अनंत सिंह ने पार्टी के निर्देशों की अवहेलना की और पार्टी विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे। शिकायत के समर्थन में जेडीयू ने अखबारों की कटिंग, सीडी और अन्य दस्तावेजी सबूत भी पेश किए थे। इन सबूतों का अध्ययन करने के बाद अध्यक्ष ने नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
क्या है आरोप?
मुख्य आरोप हाल ही में हुए बिहार विधान परिषद चुनाव से जुड़ा है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह ने खुलकर प्रचार किया था। उन्होंने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया और उनके पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाई। जेडीयू का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से पार्टी लाइन के खिलाफ और दसवीं अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन है।
इससे पहले 24 अक्टूबर को जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने उसी समय विधानसभा अध्यक्ष से उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की थी।







