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अमेठी: मां-बेटी की एक साथ मौत, पिता ने खुद दी अंतिम विदाई

नेशनल डेस्क - प्रीति पायल 

आकाश और ज्योति का विवाह कुछ समय पहले ही हुआ था। ज्योति मातृत्व के आखिरी पड़ाव पर थीं और किसी भी समय उनकी बेटी का जन्म होने वाला था। पूरे घर में नवजात के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं।

परिवार ने बच्ची के आगमन को एक विशेष उत्सव की तरह मनाने का निर्णय लिया था। सुबह से ही आकाश अपनी होने वाली संतान के स्वप्नों में खोए रहे। घर में सजावट का सामान, गुब्बारे और मिठाइयां तैयार रखी गईं। आकाश ने ज्योति को चिकित्सालय ले जाने की पूरी व्यवस्था कर ली थी, जहां चिकित्सकों ने सामान्य डिलीवरी की संभावना व्यक्त की थी।
यह घटना 5-6 नवंबर 2025 की रात्रि और अगले दिन सुबह की है। प्रसव से महज दो घंटे पूर्व स्थिति पूरी तरह बदल गई।

जब ज्योति को प्रसव पीड़ा हुई, तो आकाश उन्हें तुरंत निकटतम अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने फौरन उपचार प्रारंभ किया, परंतु ज्योति की तबीयत अचानक गंभीर हो गई। चिकित्सा रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसव में उत्पन्न जटिलताओं (संभवतः अत्यधिक रक्तस्राव या अन्य प्रसव संबंधी कठिनाइयों) के कारण ज्योति का निधन हो गया। प्रसव के दौरान बच्ची का जन्म हुआ, लेकिन वह समयपूर्व (प्रीमैच्योर) थी। बच्ची को तत्काल आईसीयू में भर्ती कराया गया, किंतु उसकी स्थिति गंभीर बनी रही। कुछ घंटों के भीतर बच्ची का भी निधन हो गया। इस प्रकार मां और बेटी दोनों की जान चली गई।

अस्पताल से यह दुखद समाचार घर पहुंचा तो संपूर्ण परिवार स्तब्ध रह गया। आकाश, जो सुबह तक अपनी बेटी की मुस्कान देखने का सपना संजोए बैठे थे, यह सूचना मिलते ही बिखर गए। वे अस्पताल पहुंचे, मगर तब तक काफी विलंब हो चुका था। मां-बेटी के पार्थिव शरीर को घर लाया गया। जिस घर में कुछ समय पहले जन्मोत्सव की रौनक थी, वहां अब दो छोटी अर्थियां सजी थीं। परिवारजनों ने दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।

आकाश ने स्वयं अपनी बेटी की कब्र पर पहली मुट्ठी मिट्टी डाली। यह पल इतना हृदयविदारक था कि उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। जन्मदिन मनाने की तैयारियां पूरी थीं, लेकिन मात्र दो घंटे पूर्व ही कब्र पर मिट्टी डालनी पड़ी। आकाश ने बेटी को गोद में उठाकर रोते हुए कहा, "मेरी राजकुमारी, तू तो अभी आई ही थी..."। यह दृश्य कैमरे में कैद हुआ और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया। ज्योति के मायके और ससुराल दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं। आकाश के वृद्ध माता-पिता के लिए यह दुख असहनीय साबित हुआ है। संपूर्ण परिवार अवसाद में डूबा है – कई लोगों ने भोजन त्याग दिया है। पड़ोसी और रिश्तेदार सहयोग कर रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में प्रसव के दौरान उत्पन्न जटिलताओं को मृत्यु का कारण बताया गया है। हालांकि, परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसकी जांच जारी है। अमेठी जिला प्रशासन ने इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश जारी किए हैं।

इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में प्रसव सुविधाओं की अपर्याप्तता पर प्रश्नचिन्ह लगाए हैं। अनेक गैर-सरकारी संगठनों ने गर्भवती महिलाओं के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की मांग उठाई है। सोशल मीडिया पर #JusticeForJyoti जैसे हैशटैग प्रचलित हो रहे हैं।