विदेश डेस्क, ऋषि राज
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ लंबे समय से चल रहे तनाव और संघर्ष को समाप्त करने को लेकर बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी अच्छी बातचीत हुई है और समझौते की संभावना मजबूत होती दिख रही है।
व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान अब किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहता है। उनके अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से जारी अस्थिरता और युद्ध जैसी परिस्थितियों ने ईरान को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिसके कारण वह अब समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका इस समय ईरान को पूरी तरह छोड़ देता है, तो वहां की स्थिति और अधिक खराब हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि बीते महीनों में हुए हमलों के कारण ईरान को भारी क्षति झेलनी पड़ी है और देश को फिर से मजबूत होने में लंबा समय लग सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका क्षेत्र में शांति स्थापित करने और किसी बड़े युद्ध को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, बातचीत के जरिए समाधान निकालना ही सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच किसी बड़े समझौते की घोषणा हो सकती है।
हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक ट्रंप के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य वजह रहे हैं। ऐसे में यदि वार्ता सफल होती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि मानी जाएगी।






