नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता को देश के हितों की रक्षा और विकास की महत्वपूर्ण जरूरत बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्वदेशी’ जैसे अभियानों को लगातार मजबूती मिल रही है। उन्होंने देशवासियों से स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को बढ़ावा देने और भारत की उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की अपील की। उनका कहना था कि सामूहिक भागीदारी से देश आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकता है।
डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर को आधुनिक अर्थव्यवस्था का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर चिकित्सा उपकरणों, संचार और परिवहन प्रणालियों तक लगभग हर महत्वपूर्ण क्षेत्र में चिप की जरूरत है। ऐसे में सेमीकंडक्टर के उत्पादन में आत्मनिर्भरता भारत की रणनीतिक और आर्थिक मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। देश में तीन प्रमुख सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं और इनमें उत्पादन शुरू होने के साथ निर्यात की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है। इससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ वैश्विक बाजार में भारत की भूमिका मजबूत होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि आने वाले सात से आठ वर्षों में देश में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने की संभावना है। इससे तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर सकता है।







