विदेश डेस्क, ऋषि राज
तेहरान: ईरान की राजधानी तेहरान में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की नमाज़-ए-जनाज़ा बड़े धार्मिक और राजकीय सम्मान के साथ अदा की गई। अंतिम विदाई कार्यक्रम में लाखों लोगों की उपस्थिति ने इसे हाल के वर्षों के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में शामिल कर दिया। राजधानी की प्रमुख सड़कों पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
जनाज़े का आयोजन इमाम खुमैनी मुसल्ला परिसर में किया गया, जहां देश के शीर्ष राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। ईरान के राष्ट्रपति, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सेना के शीर्ष कमांडर तथा विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर पर मौजूद रहे। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सामूहिक नमाज़ के बाद अंतिम यात्रा निकाली गई।
पूरे समारोह के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज और धार्मिक प्रतीकों के साथ अपने नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कई स्थानों पर लोगों ने खामेनेई के चित्र और बैनर लेकर उनके योगदान को याद किया।
ईरानी अधिकारियों ने बताया कि अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम कई दिनों तक जारी रहेंगे। इसके तहत देश के विभिन्न शहरों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा इराक के नजफ़ और कर्बला सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित करने की तैयारी की गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई के निधन के बाद ईरान के राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की विदेश नीति, सुरक्षा रणनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पूर्व निर्धारित ढांचे के अनुसार जारी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब ईरान के अगले नेतृत्व, क्षेत्रीय कूटनीति और भविष्य की नीतियों पर बनी हुई है।







