स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
महिलाओं ने 44 साल बाद जीता गोल्ड मेडल तो पुरुषों ने भी बरकरार रखा ताज
नागोया: एशियन गेम्स 2026 भारतीय हॉकी के लिए बेहद खास बन गया है। पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स का गोल्ड जीता और इसके अगले ही दिन पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को मात देकर अपना खिताब बरकरार रखा। इस तरह भारत ने एक ही एशियन गेम्स में पहली बार पुरुष और महिला हॉकी दोनों का गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया।
चीन को हराकर महिलाओं ने खत्म किया 44 साल का इंतजार
भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2 अक्टूबर को गोल्ड मेडल मैच में चीन को 1-0 से हराया। मुकाबले का एकमात्र गोल लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में किया। इसके बाद चीन ने बराबरी के लिए लगातार दबाव बनाया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे गोल में बदलने नहीं दिया।
मुकाबले का सबसे अहम पल दूसरे क्वार्टर में आया, जब चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। भारतीय गोलकीपर सविता ने शानदार बचाव करते हुए इसे रोक दिया। इसके बाद भारत ने अपनी बढ़त को आखिर तक कायम रखा और 1-0 की जीत के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीता। यानी टीम को अपना अगला एशियाई खेलों का स्वर्ण हासिल करने में 44 साल लग गए। 1998 और 2018 में भारत फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन दोनों बार सिल्वर मेडल मिला था।
पुरुष टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराया
महिला टीम की जीत के अगले दिन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया। भारत ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का खिताब जीता।
मलेशिया ने मुकाबले में वापसी करते हुए स्कोर 1-1 किया, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने लगातार दबाव बनाए रखा। जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर भारत को फिर आगे किया। इसके बाद हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल किया।
चौथे क्वार्टर में शिलानंद लाकड़ा ने भारत के लिए चौथा गोल किया और फिर मुकाबले के आखिरी हिस्से में एक और गोल के साथ भारत ने 5-1 की बड़ी जीत दर्ज की।
पुरुष हॉकी में भारत ने पहली बार लगातार दो गोल्ड जीते
मलेशिया के खिलाफ जीत के साथ भारत ने पुरुष हॉकी में अपना पांचवां एशियन गेम्स गोल्ड जीता। इससे पहले भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2023 में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
इस बार की जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि भारत ने पहली बार एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का खिताब सफलतापूर्वक डिफेंड किया। 2023 में गोल्ड जीतने के बाद भारत ने 2026 में भी स्वर्ण अपने नाम कर लिया।
पहली बार एक ही एशियन गेम्स में पुरुष और महिला दोनों चैंपियन
नागोया में भारतीय हॉकी ने सबसे बड़ा इतिहास यही बनाया। महिला टीम ने 44 साल बाद गोल्ड जीता और पुरुष टीम ने लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया।
लेकिन दोनों जीतों को जोड़ने वाली सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में गोल्ड मेडल जीता है। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और हॉकी इंडिया, दोनों ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया है।
यानी एशियन गेम्स 2026 में भारत ने हॉकी में सिर्फ दो गोल्ड नहीं जीते, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो पहले कभी नहीं बना था।
दोनों टीमों ने ओलंपिक का टिकट भी पक्का किया
इन दोनों गोल्ड मेडल की एक और बड़ी अहमियत है। एशियन गेम्स चैंपियन बनने के साथ भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया है।
महिला टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म किया, पुरुष टीम ने अपना ताज बचाया और दोनों ने मिलकर भारतीय हॉकी को एशियन गेम्स में एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
नागोया में भारत की हॉकी कहानी दो गोल्ड से आगे की है। एक तरफ 44 साल का इंतजार खत्म हुआ, दूसरी तरफ खिताब बरकरार रहा और पहली बार पुरुष और महिला दोनों टीमें एक ही एशियन गेम्स में चैंपियन बनीं। यही 2026 के एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी का सबसे बड़ा इतिहास है।







