स्टेट डेस्क, रानी कुमारी।
सहरसा, कोसी लोकमंच-बचपन बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित धूर्णन महतो ने कहा है कि बिहार में बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास के साथ उन्हें शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।
धूर्णन महतो ने बताया कि पिछले करीब 40 वर्षों से बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों में बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को मजदूरी से मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा के अधिकार से जोड़ना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान बिहार में अब तक करीब 3,500 बाल श्रमिकों को मुक्त कराकर विद्यालयों में दाखिला कराया गया है। उन्होंने कहा कि केवल बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बच्चों के पुनर्वास की व्यवस्था करना भी जरूरी है।
महतो ने कहा कि बाल श्रम के पीछे गरीबी, अशिक्षा और जागरूकता की कमी जैसी कई वजहें हैं। ऐसे में प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़कर ही बाल श्रम की समस्या को स्थायी रूप से खत्म किया जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। इसके तहत लोगों को बाल श्रम के नुकसान और बच्चों की शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षित बचपन और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। बाल श्रम के खिलाफ लड़ाई को मजबूत बनाकर बच्चों के बेहतर भविष्य का रास्ता तैयार किया जाएगा।






