नेशनल डेस्क, श्वेता प्रिया।
पटना । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। पटना में 25 अक्टूबर को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा और उनसे माफी की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान खड़गे भाषण दे रहे थे। तभी दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की।
इसके जवाब में खड़गे ने कहा,
“मोदी का बाप भी जाएगा।”
इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में हुए घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
अमित शाह ने की बयान की आलोचना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़गे के बयान की आलोचना की। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के प्रति अनुचित टिप्पणी बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की।
मतदाता सूची को लेकर खड़गे ने उठाए सवाल
अपने संबोधन में खड़गे ने भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आरोप लगाया कि इससे विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, मतदाता सूची से नाम जानबूझकर हटाए जाने के आरोप को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
टिप्पणी करने वाले व्यक्ति ने भी दी प्रतिक्रिया
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टिप्पणी करने वाले व्यक्ति संतोष कुमार ने दावा किया कि उनकी बात को गलत समझा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में उनके साथ मारपीट हुई। इस मामले में पुलिस शिकायत किए जाने की भी खबर है। शिकायत और आरोपों की मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
पटना में हुई इस घटना के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इस विवाद ने राजनीतिक नेताओं की भाषा और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।







