लोकल डेस्क, संजय दास थारू।
वीरगंज: बारा जिले के जीतपुरसिमरा उपमहानगरपालिका–9, भक्तिनगर निवासी तीन वर्षीय बालिका गरिमा कुमारी चौधरी की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में संलिप्त दोषियों के खिलाफ अधिकतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) पर्सा जिला समिति ने की है।
नेकपा पर्सा जिला समिति के संयोजक जयप्रकाश थारू द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बालिका गरिमा के साथ हुई घटना पर पार्टी ने गहरा दुख, आक्रोश और चिंता व्यक्त की है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस प्रकार की जघन्य और अमानवीय घटनाएं समाज में असुरक्षा और भय का वातावरण पैदा करती हैं। इसलिए दोषियों की पहचान कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग सरकार तथा संबंधित निकायों से की गई है।
विज्ञप्ति के अनुसार, बालिका गरिमा 2083 साल सावन 31 गते से लापता थी। परिवार और स्थानीय लोगों द्वारा उसकी तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में भाद्र 2 गते अपने घर के पास स्थित एक मकान में उसका शव बरामद हुआ। पार्टी ने घटना को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य-तथ्य सामने लाने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
नेकपा पर्सा ने तराई सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं, बालिकाओं और किशोरियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा तथा जघन्य आपराधिक घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को उच्च सतर्कता बरतनी चाहिए तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा निगरानी को प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
पार्टी ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा राज्य की प्रमुख जिम्मेदारी है। विद्यालय, घर-परिवार, समुदाय तथा सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाना आवश्यक है। साथ ही आपराधिक मानसिकता वाले व्यक्तियों पर समय रहते निगरानी और कानूनी कार्रवाई नहीं होने पर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। इसलिए जांच और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की मांग की गई है।
प्रेस विज्ञप्ति में ऐसे जघन्य अपराधों में संलिप्त दोषियों को कानून द्वारा निर्धारित अधिकतम सजा दिलाने की मांग की गई है। आवश्यकता पड़ने पर मौजूदा कानूनी व्यवस्था में संशोधन कर महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों पर रोक लगाने के लिए और कठोर कानूनी प्रावधान करने का भी सरकार से आग्रह किया गया है।
नेकपा पर्सा ने घटना की जांच निष्पक्ष, प्रभावी और किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होकर आगे बढ़ाने की मांग संबंधित निकायों से की है। जांच के दौरान किसी भी राजनीतिक, सामाजिक या अन्य प्रकार का दबाव नहीं बनने देने तथा पीड़ित परिवार को न्यायिक प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग और सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया है।
विज्ञप्ति में घटना से पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई है। बालिका गरिमा के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार को इस दुखद घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति मिले, ऐसी कामना की गई है।
नेकपा पर्सा ने राज्य के सुरक्षा निकायों, प्रशासन और न्यायिक संस्थाओं के बीच प्रभावी समन्वय कायम कर ऐसी घटनाओं की रोकथाम, जांच और अभियोजन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। पार्टी ने कहा है कि आम नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा तथा सुरक्षित वातावरण में रहने के अधिकार को सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी है।
बालिका गरिमा चौधरी की घटना ने समाज में बच्चों की सुरक्षा और महिला हिंसा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता को उजागर किया है। नेकपा पर्सा ने सभी पक्षों से संवेदनशील और जिम्मेदार भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दीर्घकालीन सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग की है।







