लोकल डेस्क, एन के सिंह।
मोतिहारी SP स्वर्ण प्रभात को बड़ी लूट के खुलासे और बेतिया SP डॉ. शौर्य सुमन को मासूम की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष पुरस्कार मिला।
पूर्वी चंपारण: चंपारण की धरती पर कानून का राज स्थापित करने और अपराधियों के हौसलों को पस्त करने वाले जांबाज पुलिस अधिकारियों के लिए शुक्रवार का दिन गौरवमयी रहा। अवसर था 'बिहार पुलिस सप्ताह-2026' के तहत बेतिया पुलिस केंद्र के सभागार में आयोजित वार्षिक परितोषिक वितरण समारोह का। इस भव्य आयोजन में चम्पारण परिक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक हरकिशोर राय ने मोतिहारी और बेतिया जिले के उन चुनिंदा पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर समाज को सुरक्षित रखने में महती भूमिका निभाई है।
कर्तव्यनिष्ठा का मिला फल, एसपी स्वर्ण प्रभात और डॉ. शौर्य सुमन हुए पुरस्कृत
समारोह के मुख्य आकर्षण मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात और बेतिया के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन रहे। डीआईजी हरकिशोर राय ने दोनों कप्तानों के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र से नवाजा। मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात को जिले में लूट की बड़ी घटनाओं के सफल उद्भेदन और भारी मात्रा में अवैध हथियारों की बरामदगी के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, बेतिया एसपी डॉ. शौर्य सुमन को लौरिया में हुए सनसनीखेज अपहरण कांड को महज चंद घंटों के भीतर सुलझाकर मासूम बच्चे को सकुशल बरामद करने की उनकी त्वरित और सटीक कार्यशैली के लिए विशेष पुरस्कार दिया गया।
34 जांबाजों और 4 सजग नागरिकों का बढ़ा मान
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस वर्ष कुल 34 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों का चयन किया गया था। सम्मानित होने वालों में मोतिहारी के सदर-1 एसडीपीओ दिलीप कुमार, सदर-2 एसडीपीओ जितेश कुमार पाण्डेय, रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद, अरेराज एसडीपीओ रवि कुमार और साइबर थाना के अभिनव परासर जैसे तेजतर्रार अधिकारी शामिल रहे। इसके अलावा बेतिया के लौरिया में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने वाले थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा और उनकी पूरी टीम को उनकी बहादुरी के लिए नकद इनाम और प्रमाण पत्र दिया गया।
केवल खाकी ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति जागरूक नागरिकों को भी मंच पर स्थान मिला। विशेष रूप से बगहा की एनजीओ कार्यकर्ता लक्ष्मी खत्री को सम्मानित किया गया, जिन्होंने मानव तस्करों के चंगुल से लड़कियों को मुक्त कराने के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया।
अपराधियों को चेतावनी और पुलिस को स्पष्ट संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए DIG हरकिशोर राय ने दो टूक शब्दों में अपना विजन स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "बेहतर कार्य करने वालों को इनाम मिलेगा, लेकिन लापरवाही बरतने वालों को अंजाम भुगतना होगा।" उन्होंने बल दिया कि पुलिस का लक्ष्य केवल केस दर्ज करना नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा का ऐसा माहौल बनाना है जहां आम नागरिक बेखौफ होकर रह सके। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निष्पक्षता बनाए रखने और जनता का विश्वास जीतने का मूलमंत्र भी दिया।
नकद पुरस्कार और सम्मान की राशि
इस सम्मान समारोह में केवल कागजी प्रशस्ति पत्र ही नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए 3,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक की नकद राशि भी प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार, मोतिहारी और बेतिया की टीमों को उनके विशेष ऑपरेशन्स के लिए कुल मिलाकर 1 लाख रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित की गई। रामगढ़वा में सीएसपी संचालक से हुई 5.35 लाख की लूट के मामले में अपराधियों को मुठभेड़ की स्थिति में दबोचने वाली टीम की वीरता की इस दौरान विशेष चर्चा हुई।







