लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता ।
रक्सौल/बीरगंज: पर्सा जिले की विभिन्न झुग्गी एवं सुकुम्बासी बस्तियों को हटाने की तैयारी के विरोध में श्रम संस्कृति पार्टी, पर्सा जिला समिति ने जिला प्रशासन कार्यालय पर्सा में ज्ञापन पत्र सौंपा है। पार्टी प्रतिनिधियों ने प्रमुख जिला अधिकारी भोला दहाल को ज्ञापन सौंपते हुए वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना किसी भी बस्ती पर बुलडोजर नहीं चलाने की मांग की।
श्रम संस्कृति पार्टी पर्सा जिला समिति के उपाध्यक्ष वासिम शेख के नेतृत्व में गई टोली द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पर्सा जिले के ऐलानी, परती तथा सार्वजनिक जमीनों पर लंबे समय से रह रहे भूमिहीन एवं सुकुम्बासी नागरिकों को बल प्रयोग कर हटाने की तैयारी की जा रही है, जिस पर पार्टी ने गंभीर आपत्ति जताई है।
ज्ञापन में नेपाल के संविधान का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रत्येक नागरिक को उपयुक्त आवास का अधिकार प्राप्त है। संविधान की धारा 37 के अनुसार कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी को उसके आवास से बेदखल नहीं किया जा सकता। साथ ही धारा 51 के तहत भूमिहीन, सुकुम्बासी एवं अव्यवस्थित बसोबास करने वालों की पहचान कर उनके पुनर्वास की जिम्मेदारी राज्य की बताई गई है।
इसके अलावा नेपाल द्वारा अनुमोदित बाल अधिकार संबंधी महासंधि (CRC) का उल्लेख करते हुए कहा गया कि किसी भी प्रशासनिक निर्णय में बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बिना विकल्प के विस्थापन से बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर गंभीर असर पड़ सकता है।
पार्टी ने स्थानीय सरकार संचालन ऐन 2074 का हवाला देते हुए कहा कि सुकुम्बासियों की पहचान और व्यवस्थापन स्थानीय तह की जिम्मेदारी है, लेकिन जिले में शांति सुरक्षा बनाए रखना तथा नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करना जिला प्रशासन और सुरक्षा निकायों का दायित्व है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बलपूर्वक विस्थापन को पार्टी ने कानूनी और मानवीय दृष्टि से अनुचित बताया है।
ज्ञापन के माध्यम से श्रम संस्कृति पार्टी ने पर्सा जिले की सभी सुकुम्बासी बस्तियों में बुलडोजर चलाने और बल प्रयोग की कार्रवाई तत्काल रोकने, वास्तविक तथ्यांक संकलन एवं वर्गीकरण करने, सम्मानजनक और स्थायी पुनर्वास की स्पष्ट योजना लागू करने तथा किसी भी विस्थापन से पहले वैकल्पिक आवास सुनिश्चित करने की मांग की है।पार्टी ने जिला प्रशासन कार्यालय एवं संबंधित निकायों से आवश्यक पहल, समन्वय और हस्तक्षेप कर सुकुम्बासी नागरिकों के आवास अधिकार की रक्षा करने की अपील की है।ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय, गृह मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, भूमि व्यवस्था मंत्रालय, राष्ट्रीय भूमि आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, जिला प्रहरी कार्यालय पर्सा तथा संबंधित स्थानीय तहों को भी भेजी गई है।







