नेशनल डेस्क,रानी कुमारी।
नई दिल्ली। भारत की पहली स्वदेशी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन का ट्रायल अगले साल मई-जून 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत में विकसित की जा रही इस ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम तैयार हो चुका है और इसकी मजबूती की जांच के लिए परीक्षण किया जा रहा है। ट्रेन को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक और देश में विकसित मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के आधार पर तैयार किया जा रहा है।
ट्रायल शुरू होने के बाद ट्रेन की अलग-अलग परिस्थितियों में करीब दो से चार महीने तक टेस्टिंग की जाएगी। इस दौरान ट्रेन की गति, सुरक्षा, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच होगी। परीक्षण सफल रहने के बाद इसे यात्रियों के लिए सेवा में उतारने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। ट्रेन की अधिकतम परीक्षण गति करीब 280 किलोमीटर प्रति घंटे और परिचालन गति लगभग 250 किलोमीटर प्रति घंटे रखने की योजना है।
यह स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर ट्रेन की परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखने की योजना है। पूरे कॉरिडोर पर मुंबई से अहमदाबाद की यात्रा करीब 1 घंटे 58 मिनट में पूरी होने का अनुमान है। रेल मंत्री ने कहा है कि बुलेट ट्रेन से वडोदरा से मुंबई की दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी।
भारत में विकसित इस बुलेट ट्रेन का निर्माण बीईएमएल द्वारा किया जा रहा है। इसे हाई-स्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। स्वदेशी ट्रेन के विकास से भविष्य में देश में ही हाई-स्पीड ट्रेनों के निर्माण, रखरखाव और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ट्रायल सफल होने के बाद 2027 के दूसरे हिस्से में इसके परिचालन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।







