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प्रभावी रणनीति और सही फैसलों से भारत ऊर्जा संकट से उभरा : PM मोदी

नेशनल डेस्क, मुस्कान सिंह।

बालोतरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक परिस्थितियों के कारण पूरी दुनिया 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, लेकिन भारत ने दूरदर्शी नीतियों, प्रभावी रणनीति और समय पर लिए गए सही निर्णयों के दम पर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया है। उन्होंने कहा कि देश की इच्छाशक्ति, संसाधनों के संतुलित उपयोग और मजबूत कूटनीतिक प्रयासों के कारण भारत ऊर्जा संकट के बावजूद अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में सफल रहा।

प्रधानमंत्री शनिवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में आयोजित कार्यक्रम में रिफाइनरी तथा अन्य विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के अवसर पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण विश्व के अनेक देशों में ईंधन की कमी और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई, लेकिन भारत ने समय रहते हालात का आकलन कर प्रभावी रणनीति बनाई और संकट को अवसर में बदलने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि संकट की शुरुआत होते ही केंद्र सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर काम किया। देश की रिफाइनरियों की क्षमता का बेहतर उपयोग किया गया, वैकल्पिक स्रोतों से कच्चे तेल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई तथा ऊर्जा संसाधनों के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही भारत ने अपनी कूटनीतिक क्षमता का उपयोग करते हुए विभिन्न देशों के साथ समन्वय स्थापित किया, जिससे देश में ईंधन की उपलब्धता प्रभावित नहीं होने दी गई। जब दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा था और विभिन्न तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं, तब भारत में केंद्र सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखते हुए दिन-रात काम कर रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों, किसानों और उद्योगों पर ऊर्जा संकट का न्यूनतम प्रभाव पड़ने देना था, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली।

उन्होंने कहा कि भारत आज ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं और आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार से देश की ऊर्जा क्षमता मजबूत होगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनकर वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।