विदेश डेस्क, नीतीश कुमार।
पेरिस। फ्रांस में बढ़ती महंगाई और कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ शनिवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नु के मुताबिक, अशांति के दौरान अब तक 1,200 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में 150 पुलिसकर्मी और सुरक्षा अधिकारी घायल हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने दी हिरासत और घायलों की जानकारी
लेकोर्नु ने पत्रकारों से कहा, "आंकड़े अद्यतन किए जा रहे हैं, और अभी जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तब तक हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या 1,200 हो गई है।" उन्होंने बताया कि अशांति के दौरान कानून लागू करने वाली एजेंसियों के 150 अधिकारी घायल हुए हैं।
कई शहरों में दंगे, लूटपाट और तोड़फोड़
फ्रांस के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इस दौरान दंगे, लूटपाट और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस, स्टन ग्रेनेड और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
टाउन हॉल और पर्यटक कार्यालय को बनाया निशाना
अशांति के दौरान उपद्रवी तत्वों ने लिमोज, मार्सिले और लिले के टाउन हॉल में घुसकर तोड़फोड़ की। लिमोज में टाउन हॉल की निचली मंजिल पर आग लगा दी गई, जो बाद में छत तक फैल गई। वहीं, ल्योन में एक पर्यटक कार्यालय में लूटपाट के बाद आग लगा दी गई।
पेरिस में एक लाख से ज्यादा लोग शामिल
फ्रांस भर में हुए प्रदर्शनों में कुल 5 लाख 50 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें से 1 लाख 10 हजार लोग पेरिस में प्रदर्शन में शामिल हुए।







