विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
तेहरान। फ्लाईदुबई विमान में हुए हमले को ईरान से जोड़कर लगाए जा रहे आरोपों पर ईरान ने कड़ा जवाब दिया है। ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि उसके खिलाफ छेड़छाड़ किए गए सबूतों के आधार पर आरोप लगाए जा रहे हैं। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए घटनाक्रम के बाद को-पायलट और ईरान के बीच संभावित संबंध की बात सामने आई थी, जिस पर ईरानी पक्ष ने स्पष्ट रूप से इनकार किया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान पर झूठे सबूतों का सहारा लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामने रखे जा रहे सबूतों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई है और इन्हीं के आधार पर ईरान को मामले से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को पिछले सात महीनों के दौरान सामने आए मामलों की याद दिलाने वाला बताया और आरोप लगाया कि इजरायल तथा कुछ यूरोपीय देशों का झूठ बोलने का इतिहास रहा है।
दरअसल, फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी को-पायलट ने भारतीय पायलट स्मित माछर पर कॉकपिट के भीतर हमला कर दिया था। आरोप है कि को-पायलट विमान को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कोशिश कर रहा था। उसने कॉकपिट में रखी एक छोटी धारदार कुल्हाड़ी से स्मित माछर पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद भारतीय पायलट ने हिम्मत दिखाई और हमलावर का सामना करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद चालक दल के सदस्यों और विमान में मौजूद यात्रियों ने ओमानी को-पायलट को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से उतारने की प्रक्रिया पूरी की गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान विमान की ऊंचाई में भी काफी तेजी से गिरावट आई। विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, लेकिन घटना के दौरान इसकी ऊंचाई घटकर लगभग 16,600 फीट रह गई। यानी विमान करीब 17,400 फीट नीचे आ गया।
ऊंचाई में इस तेज गिरावट के बाद विमान की ओर से आपात संकेत भी जारी किया गया। जानकारी के मुताबिक, पहला आपात संकेत भारतीय समय के अनुसार नहीं बल्कि ईटी के अनुसार रात 1:32 बजे भेजा गया था। अचानक पैदा हुई स्थिति के बावजूद विमान को आपात लैंडिंग के दौरान सही तरीके से उतार लिया गया। चालक दल और यात्रियों की मदद से स्थिति को संभालने के बाद विमान सुरक्षित रूप से जमीन पर पहुंचा।
इस पूरी घटना में भारतीय पायलट स्मित माछर की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हमले के दौरान खुद घायल होने के बावजूद उन्होंने स्थिति का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे चालक दल और यात्रियों को हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। इस साहसिक भूमिका के लिए उनकी पूरी दुनिया में तारीफ की गई।
वहीं, घटना के बाद ओमानी को-पायलट को ईरान से जोड़ने को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर ईरान ने सख्त आपत्ति जताई है। ईरान का कहना है कि उसके खिलाफ पेश किए जा रहे सबूत विश्वसनीय नहीं हैं और उनके साथ छेड़छाड़ की गई है। ईरानी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है और कहा है कि इस मामले में ईरान को जोड़ने का कोई आधार नहीं है।







