लोकल डेस्क, एन के सिंह।
जिले के सभी स्कूलों में बिजली, पंखा और शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश।
डिजिटल शिक्षा पर जोर: स्मार्ट क्लास और ICT लैब के नियमित अनुश्रवण के निर्देश।
पूर्वी चम्पारण: जिले के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने और आगामी भीषण गर्मी की चुनौतियों से निपटने के लिए जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने कमर कस ली है। कलेक्ट्रेट स्थित डॉ. राधाकृष्णन भवन में आयोजित शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
गर्मी की तपिश से पहले सुविधाओं की 'किलेबंदी'
जिलाधिकारी ने बैठक में सबसे अधिक जोर आगामी गर्मी के मौसम पर दिया। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक विद्यालय में बिजली की निर्बाध आपूर्ति, पंखों की उपलब्धता और शुद्ध पेयजल के साथ-साथ शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। DM ने साफ कहा कि किसी भी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के अभाव की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
स्मार्ट क्लास और आधुनिक शिक्षा पर नजर
शिक्षा के आधुनिकीकरण को लेकर भी DM गंभीर दिखे। उन्होंने जिले के विद्यालयों में स्थापित हो रहे स्मार्ट क्लास और ICT लैब के संचालन का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केवल संसाधन जुटाना काफी नहीं है, उनका सही उपयोग बच्चों के भविष्य निर्माण में होना चाहिए।
वंचित और गरीब बच्चों के लिए 'ज्ञानदीप' की रोशनी
समाज के अभिवंचित वर्ग और BPL श्रेणी के बच्चों के लिए जिलाधिकारी ने ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित कराने पर बल दिया ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
कस्तूरबा विद्यालयों में 100% उपस्थिति का लक्ष्य
बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नामांकन और उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही, निजी विद्यालयों की मान्यता (Affiliation) के लिए ई-संबंधन पोर्टल पर लंबित आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन करने का निर्देश दिया गया ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
ससमय छात्रवृत्ति और निर्माण कार्य
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (2024-25 और 2025-26) के आवेदनों को लेकर DM ने स्पष्ट किया कि सभी स्तरों पर इनका सत्यापन बिना किसी देरी के पूरा किया जाए। साथ ही, स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों (असैनिक संभाग) की गुणवत्ता और गति पर नजर रखने के लिए सहायक व कनीय अभियंताओं को नियमित फील्ड विजिट करने का आदेश दिया गया।
बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी: इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना/समग्र शिक्षा/PM पोषण/योजना एवं लेखा/माध्यमिक शिक्षा) सहित सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और बिहार शिक्षा परियोजना के तकनीकी संभाग के अभियंता उपस्थित थे।







