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बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 7 महीने में 1.15 लाख से ज्यादा दोषियों को सजा

स्टेट डेस्क, श्वेता प्रिया।

पटना। जनवरी से जुलाई के बीच 86 हजार से ज्यादा मामलों में कार्रवाई, 5 दोषियों को फांसी और 785 को उम्रकैद

बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस की कार्रवाई तेज हुई है। बिहार पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच राज्य में 1,15,003 आरोपियों को अलग-अलग मामलों में सजा दिलाई गई। इनमें 5 दोषियों को फांसी और 785 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

पुलिस के अनुसार, इस अवधि में 86,027 मामलों में दोषियों को अदालत से सजा दिलाई गई। गंभीर अपराधों में भी कार्रवाई की गई। हत्या से जुड़े 389 मामलों में 864 आरोपियों को, जबकि दुष्कर्म और पॉक्सो से जुड़े 373 मामलों में 444 आरोपियों को सजा मिली।

आर्म्स एक्ट और नशीले पदार्थों के मामलों में भी कार्रवाई

जनवरी से जुलाई के बीच आर्म्स एक्ट के 436 मामलों में 579 आरोपियों, एनडीपीएस एक्ट के 282 मामलों में 375 आरोपियों, डकैती और लूट के 138 मामलों में 182 आरोपियों तथा अपहरण के 110 मामलों में 128 आरोपियों को सजा मिली।

पुलिस के मुताबिक, दहेज उत्पीड़न से जुड़े 98 मामलों में 131 आरोपियों को भी सजा सुनाई गई। इसके अलावा बड़ी संख्या में अन्य आपराधिक मामलों में भी अदालत से सजा दिलाई गई।

सजा दिलाने पर पुलिस का फोकस

बिहार पुलिस अब सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि मामलों का तेजी से निपटारा कराकर दोषियों को अदालत से सजा दिलाने पर भी जोर दे रही है। राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी 2026 के महीनों की दोषी ठहराए गए कैदियों की सूचियां जारी की गई हैं।