विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाते हुए चुनाव में धांधली होने का आरोप लगाया है। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। ब्राजील के वामपंथी राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चुनाव में जीत हासिल की है। ट्रंप ने सोमवार, 26 अक्टूबर को चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद खराब और भ्रष्ट बताया।
मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से ब्राजील के चुनाव को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह चुनाव एक और धांधली वाला चुनाव नजर आया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने किसी उम्मीदवार का पक्ष नहीं लिया, लेकिन उनके मुताबिक पूरी दुनिया के सामने चुनाव की यह स्थिति ब्राजील की खराब तस्वीर पेश करती है। उन्होंने कहा कि चुनाव ऐसी प्रक्रिया होनी चाहिए जिस पर किसी तरह का सवाल न उठे और उन्हें ब्राजील में हुई चुनावी प्रक्रिया बेहद खराब लगी।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह ब्राजील के चुनाव को लेकर कोई कदम उठाएंगे, तो उन्होंने कहा कि वह ब्राजील नहीं चला रहे हैं, बल्कि अमेरिका की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसी चुनाव में लूला डा सिल्वा ने अपने दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार सत्ता में वापसी की है। लूला की जीत के साथ ब्राजील की राजनीति में वामपंथी नेतृत्व बरकरार रहा है।
हालांकि, ट्रंप ने चुनाव के दौरान किसी उम्मीदवार का खुलकर समर्थन करने से इनकार किया, लेकिन उन्होंने कई मौकों पर बोल्सोनारो के प्रति समर्थन जताया था। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने न तो किसी का समर्थन किया और न ही किसी का पक्ष लिया, लेकिन उन्होंने चुनाव को करीब से देखा। उनके मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया उन्हें बेहद भ्रष्ट और खराब लगी। उन्होंने ब्राजील के चुनाव को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे बहुत ही भयानक बताया।
इस बीच, चुनाव में हारने वाले फ्लावियो बोल्सोनारो ने नतीजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने चुनाव परिणामों को रद्द करने की मांग भी की है। हालांकि, ब्राजील के एक अधिकारी ने भरोसा जताया कि अमेरिका आखिरकार लूला की जीत को मान्यता देगा। अधिकारी के अनुसार, मतदान से जुड़े आंकड़ों पर सवाल उठाना मुश्किल है और चुनाव परिणाम को चुनौती देने का आधार मजबूत नहीं है।
ब्राजील के अधिकारी ने यह भी कहा कि अगर ट्रंप लूला की जीत को मान्यता नहीं देते हैं, तो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों पर असर पड़ सकता है। उनके मुताबिक, सबसे गंभीर स्थिति में ब्राजील अमेरिका के साथ राजनयिक संबंध तोड़ सकता है, जिसका लाभ चीन को मिल सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका के ब्राजील पर हमला करने या वहां अपनी पसंद की कठपुतली सरकार स्थापित करने की संभावना नहीं है।
अधिकारी ने ब्राजील की स्थिति की तुलना वेनेजुएला से करने से भी इनकार किया और कहा कि ब्राजील की सरकार अपनी जगह कायम रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच लूला की चुनावी जीत, बोल्सोनारो की ओर से नतीजे स्वीकार न करने और ट्रंप द्वारा चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने से ब्राजील की घरेलू राजनीति के साथ-साथ उसके अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।







