नेशनल डेस्क, श्वेता प्रिया।
नई दिल्ली। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 14 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 9.9 अरब डॉलर बढ़कर 716.90 अरब डॉलर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, यह करीब छह महीने का उच्चतम स्तर है।
लगातार सातवें सप्ताह बढ़ा भंडार
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार सातवें सप्ताह बढ़ोतरी हुई है। पिछले सात सप्ताह में इसमें करीब 50 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। मौजूदा भंडार फरवरी 2026 में दर्ज करीब 728.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर के काफी करीब पहुंच गया है।
विदेशी मुद्रा संपत्ति और सोने के भंडार में बढ़ोतरी
इस बढ़ोतरी में विदेशी मुद्रा संपत्तियों (Foreign Currency Assets) और सोने के भंडार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा संपत्तियों में करीब 7.2 अरब डॉलर, जबकि सोने के भंडार में करीब 2.7 अरब डॉलर की वृद्धि हुई।
डॉलर का प्रवाह बढ़ने से मिला फायदा
विदेशी मुद्रा भंडार में इस तेजी के पीछे विदेशी मुद्रा के बढ़ते प्रवाह को अहम वजह माना जा रहा है। RBI की ओर से विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों से भी देश के रिजर्व को मजबूती मिली है। हाल के महीनों में गैर-निवासी भारतीयों (NRI) से जुड़े विदेशी मुद्रा जमा में भी मजबूत प्रवाह देखा गया है।
अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की बाहरी आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होता है। पर्याप्त रिजर्व होने से देश को आयात भुगतान, वैश्विक आर्थिक दबाव और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद मिलती है। बढ़ता रिजर्व भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।







