लोकल डेस्क, एन के सिंह।
- दुष्कर्म और अपहरण के काले खेल का पर्दाफाश। बदहवास प्रेमी की सूचना पर बंजरिया पुलिस ने घेराबंदी कर युवती को दरिंदों के चंगुल से छुड़ाया, छापेमारी के दौरान बाथरूम में बंधक मिला एक और युवक; फिरौती के लिए अपराधी कर रहे थे प्रताड़ित।
पूर्वी चंपारण: जिले की पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से एक साथ दो बड़ी आपराधिक घटनाओं का खुलासा कर जिले को दहलाने वाली साजिश को नाकाम कर दिया है। सदर डीएसपी दिलीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने न केवल एक युवती को सामूहिक दुष्कर्म और बंधक बनाए जाने से बचाया, बल्कि उसी मकान से एक अन्य अपहृत युवक को भी बरामद किया, जिसकी हत्या की योजना बनाई जा चुकी थी।
स्टेशन से झांसा देकर ले गए 'जमला' के काल कोठरी में
घटना की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली से भागकर मोतिहारी पहुंचे एक प्रेमी युगल को अपराधियों ने रेलवे स्टेशन पर अपना शिकार बनाया। अपराधियों ने उन्हें कमरा दिलाने का झांसा दिया और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के 'जमला' स्थित एक सुनसान मकान में ले गए। वहां अपराधियों ने चालाकी से युवक को आधार कार्ड और पैसे लाने के बहाने एक अंधेरी जगह पर छोड़ दिया और युवती को बंधक बना लिया। हैवानियत की हदें पार करते हुए अपराधियों ने युवती के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
90 मिनट का 'रेस्क्यू ऑपरेशन'
डीएसपी सदर में बताएं कि करीब 2:00 बजे जब बदहवास युवक बंजरिया थाने पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सदर डीएसपी के निर्देश पर SHO बंजरिया और उनकी टीम ने तत्काल इलाके की घेराबंदी की। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत और तकनीकी इनपुट के आधार पर उस संदिग्ध मकान को चिह्नित किया गया। पुलिस ने जब वहां धावा बोला, तो युवती को सुरक्षित बरामद कर दो अपराधियों को दबोच लिया।
बाथरूम का दरवाजा खुला तो उड़े पुलिस के होश
मकान की तलाशी के दौरान पुलिस को एक और चौंकाने वाली सफलता मिली। वहां के बाथरूम में एक युवक हाथ-पांव बंधे हुए मिला। जांच में पता चला कि वह तुरकौलिया थाना क्षेत्र के 'गढ़हिया' का रहने वाला है। खुलासा हुआ कि वह अपराधी की पत्नी के 'हनीट्रैप' का शिकार हुआ था। पिछले 6 महीनों से अपराधी की पत्नी उससे बात कर रही थी और उसे झांसा देकर बुलाया गया था। अपराधी उसके पिता से फिरौती की मांग कर रहे थे और उसे बुरी तरह पीटा गया था।
"देर होती तो हो जाती हत्या"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई नहीं करती, तो अपराधी दोनों पीड़ितों की हत्या कर साक्ष्य मिटाने की फिराक में थे। इस मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग प्राथमिकियाँ (FIR) दर्ज की हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नगर थाना क्षेत्र के मोहम्मद हुसैन अंसारी के रूप में हुई है। वहीं, एक अपराधी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
छापेमारी अभियान का नेतृत्व सदर डीएसपी दिलीप कुमार और प्रशिक्षु डीएसपी सुश्री कुमारी प्रियंका ने किया। टीम में बंजरिया थानाध्यक्ष अमित कुमार, पीसी राज नारायण प्रीतम, सिपाही हरि किशोर सिंह, गृह रक्षक साहब राम, कमलेश कुमार सहित मुफस्सिल एवं बंजरिया थाने के सशस्त्र बल शामिल थे।







