लोकल डेस्क, एन के सिंह।
इंजन-चेसिस नंबर बदलकर बनाते थे फर्जी स्मार्ट कार्ड; पकड़ीदयाल DSP के नेतृत्व में 5 शातिर गिरफ्तार
पूर्वी चम्पारण: जिला पुलिस ने अंतर-जिला वाहन चोरी के एक ऐसे संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से चोरी की बाइकों को 'लीगल' बनाकर बाजार में खपा देता था। पकड़ीदयाल डीएसपी कुमार चंदन के नेतृत्व में की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के 5 मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 14 मोटरसाइकिलें, फर्जी स्मार्ट कार्ड और नंबर पंच करने वाले औजार बरामद किए गए हैं।
असली मालिक को भनक भी नहीं, सड़क पर दौड़ती थी उसकी 'जुड़वा' बाइक
गिरोह के काम करने का तरीका इतना शातिर था कि पुलिस भी दंग रह गई। डीएसपी कुमार चंदन ने बताया कि अपराधी पहले बाइक चोरी करते थे, फिर किसी दूसरी वैध मोटरसाइकिल (जो अपने असली मालिक के पास होती थी) के चेसिस और इंजन नंबर को चोरी की बाइक पर पंच कर देते थे। इतना ही नहीं, गिरोह हूबहू असली दिखने वाला 'ऑनर स्मार्ट कार्ड' और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी तैयार कर लेता था। इस 'क्लोनिंग' के खेल के कारण आम आदमी तो क्या, पुलिस के लिए भी वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाता था।
गुप्त सूचना पर धबौलिया से शुरू हुआ एक्शन
पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि मधुबन थाना क्षेत्र के धबौलिया ग्राम में चोरी की गाड़ियों का अवैध खेल चल रहा है। सूचना मिलते ही डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। धबौलिया में छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सदस्यों को दबोचा गया। उनकी निशानदेही पर मोतिहारी और शिवहर जिले के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिसमें पुलिस को भारी सफलता हाथ लगी।
पुलिस की गिरफ्त में आए शातिरों की पहचान साहेब कुमार उर्फ विक्की राज (धबौलिया, मधुबन) रोहित कुमार (धबौलिया, मधुबन)दीपक कुमार (उकनी, शिवहर)नीरज कुमार (कोठिया हरीराम, मेहसी)सत्येंद्र महतो (नया गांव, पहाड़पुर)
बरामदगी की सूची: क्या-क्या मिला?
14 मोटरसाइकिलें: इसमें रॉयल एनफील्ड, अपाचे, ग्लैमर, सुपर स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स जैसे महंगे और लोकप्रिय मॉडल शामिल हैं।
08 फर्जी स्मार्ट कार्ड: अलग-अलग नाम और नंबरों पर बने जाली दस्तावेज।
पंचिंग टूल: इंजन और चेसिस नंबर बदलने के लिए इस्तेमाल होने वाले लोहे के उपकरण।
संदिग्ध दस्तावेज: गाड़ियों की खरीद-बिक्री से जुड़े कई फर्जी कागजात।
टीम में शामिल जांबाज अधिकारी
इस सफल अभियान में पकड़ीदयाल डीएसपी कुमार चंदन के साथ प्रशिक्षु डीएसपी प्रियंका कुमारी, मधुबन थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पाण्डेय, अपर थानाध्यक्ष अमरजीत कुमार, मेहसी थानाध्यक्ष सानू गौरव, पहाड़पुर थानाध्यक्ष अजय कुमार और जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई।
"यह एक अत्यंत संगठित गिरोह था जो जिले की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था। इनकी गिरफ्तारी से अंतर-जिला वाहन चोरी की घटनाओं में भारी कमी आएगी। हम इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रहे हैं।"
कुमार चंदन, डीएसपी, पकड़ीदयाल







