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मोतिहारी: DM का कड़ा रुख, 24 घंटे में पोस्टमार्टम और जख्म रिपोर्ट

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया—किसी भी हाल में लंबित नहीं रहना चाहिए जख्म और पोस्टमार्टम प्रतिवेदन।
 
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में एक हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई, जिसमें जिले की स्वास्थ्य और पुलिस व्यवस्था को लेकर कड़े फैसले लिए गए। बैठक का मुख्य एजेंडा जख्म प्रतिवेदन (Injury Report) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होने वाली देरी को खत्म करना था। जिलाधिकारी ने इस मामले में चल रही सुस्ती पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है।

24 घंटे की डेडलाइन: 'काम में कोताही बर्दाश्त नहीं'

जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी चिकित्सा पदाधिकारियों और अस्पताल प्रबंधकों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि जख्म प्रतिवेदन हर हाल में 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को विशेष रूप से निर्देशित किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी किसी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए।
DM ने स्पष्ट किया कि यदि रात के समय होने वाले पोस्टमार्टम में अनुमति पत्र (Inquest/Auth Letter) लंबित है, तो उसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दें। किसी भी परिस्थिति में इन रिपोर्टों को लटका कर रखना स्वीकार्य नहीं होगा।

लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

लंबित पड़े जख्म प्रतिवेदनों की संख्या पर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने संबंधित संस्थानों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि पुराने सभी पेंडिंग केस जल्द से जल्द अपडेट किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा के भीतर सुधार नहीं दिखा, तो जवाबदेही तय की जाएगी और दोषी कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में तालमेल की अपील
बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक ने भी सभी थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर तालमेल होना अनिवार्य है, ताकि कागजी कार्रवाई की वजह से रिपोर्ट में देरी न हो। थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वे अस्पताल प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में रहें और आपसी समन्वय से फाइलों का निपटारा करें।

अब अनुमंडल स्तर पर होगी मॉनिटरिंग

व्यवस्था को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए जिलाधिकारी ने एक नया ढांचा तैयार किया है। अब प्रत्येक सप्ताह अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में अनुमंडल स्तर पर एक समीक्षा बैठक होगी। इस बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और थाना प्रभारी अनिवार्य रूप से शामिल होंगे और जख्म प्रतिवेदनों की प्रगति की रिपोर्ट पेश करेंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक और सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक उपस्थित रहे।