लोकल डेस्क, एन के सिंह।
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एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सभी थानों में सुरक्षा चाक-चौबंद, सद्भाव बिगाड़ने वालों को प्रशासन का सख्त अल्टीमेटम।
पूर्वी चंपारण: रंगों का त्योहार होली आपसी प्रेम और सद्भाव का प्रतीक है, लेकिन इस बार हुड़दंग और कानून तोड़ने वालों के लिए पुलिस ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। जिले के पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने आगामी त्योहार को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया है। एसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि होली की खुशियों में खलल डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने त्यौहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है और पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसी कड़ी में सभी थानों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि समाज के प्रबुद्ध जनों के सहयोग से भाईचारे को कायम रखा जा सके।
पुलिस प्रशासन ने इस बार डीजे के शोर पर पूरी तरह से लगाम लगा दी है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि होली के दौरान जिले में डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई भी इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो न केवल मशीनें जब्त की जाएंगी, बल्कि संचालक और आयोजक पर कड़ी कानूनी गाज गिरेगी। इसके साथ ही, त्यौहार के नाम पर परोसी जाने वाली अश्लीलता के खिलाफ भी पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। थानों को निर्देशित किया गया है कि अश्लील गाने बजाने वालों और अश्लीलता का प्रदर्शन करने वाले ऑर्केस्ट्रा संचालकों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
नशाखोरी के खिलाफ पुलिस का अभियान अब अपने चरम पर होगा। शराब और सूखे नशे की तस्करी और सेवन करने वालों को चेतावनी देते हुए एसपी ने कहा कि पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। नशे की हालत में उपद्रव करने वालों को सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस का मानना है कि अधिकांश विवाद नशे की वजह से ही होते हैं, इसलिए इस बार नशा मुक्ति को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर है। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे खुद को और अपने परिवार को नशे से दूर रखें ताकि होली का आनंद सुरक्षित रूप से लिया जा सके।
वहीं, डिजिटल दुनिया में जहर घोलने वालों के लिए भी प्रशासन ने जाल बिछा दिया है। पुलिस की आईटी सेल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी। एसपी ने साफ किया है कि फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर पैनी नजर रखी जा रही है। यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला पोस्ट, भ्रामक अफवाह या आपत्तिजनक टिप्पणी करता है, तो उसे आईटी एक्ट और अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत गिरफ्तार किया जाएगा। कुल मिलाकर, पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कानून के दायरे में रहकर त्योहार मनाएं, अन्यथा प्रशासन की सख्ती आपकी होली का रंग फीका कर सकती है।







