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वर्दी में भ्रष्टाचार पर मोतिहारी SP का सीधा वार

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

ओवरलोडिंग के नाम पर पैसे ऐंठने वाले अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। बिना देरी जांच कर आरोपी को जेल भेजा गया।

पूर्वी चंपारण: कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और कड़ा कदम उठाते हुए पुलिस अधीक्षक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के लिए जिले में कोई सहानुभूति नहीं है। इस बार कार्रवाई अपराधियों पर नहीं, बल्कि वर्दी में रहकर जनता से अवैध वसूली करने वाले एक सरकारी पदाधिकारी पर हुई है। ओवरलोडिंग जांच के बहाने ट्रक चालकों से पैसे ऐंठने वाले परिवहन विभाग के दारोगा को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया गया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस और परिवहन विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है।

सीधी शिकायत ने खोली उगाही की परतें

जानकारी के अनुसार देर रात एक वाहन चालक ने एसपी कार्यालय से सीधे संपर्क कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रही अवैध वसूली की सूचना दी। शिकायत में बताया गया कि ओवरलोडिंग का भय दिखाकर उससे नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम ली गई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने मामले को तत्काल संज्ञान में लिया और बिना देर किए जांच के निर्देश जारी कर दिए।

जांच के दौरान हुई पहचान, बच नहीं सका आरोपी

जांच प्रक्रिया के तहत उस समय ड्यूटी पर मौजूद सभी संबंधित पदाधिकारियों को बुलाया गया। शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाकर पहचान कराई गई, जिसमें अवैध राशि लेने वाले अधिकारी की स्पष्ट पहचान हो गई। पहचान होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दारोगा को हिरासत में ले लिया। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ पूरा किया गया ताकि किसी भी स्तर पर सवाल न उठे।

कानून के तहत दर्ज हुआ मामला

गिरफ्तार अधिकारी के खिलाफ पिपराकोठी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध वसूली के पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।

विभागों में सख्त संदेश, जीरो टॉलरेंस का असर

इस कार्रवाई के बाद पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों में स्पष्ट संदेश गया है कि पद और वर्दी का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी हाल में संरक्षण नहीं मिलेगा। एसपी की इस पहल को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आम लोगों में भरोसा बढ़ा है और महकमे के भीतर अनुशासन का माहौल मजबूत हुआ है।